Home जयपुर सहकारी समितियों का डिजिटल कायाकल्प: राजस्थान की 85% पैक्स अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर

सहकारी समितियों का डिजिटल कायाकल्प: राजस्थान की 85% पैक्स अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर

सार 

Rajasthan : केंद्र सरकार की योजना के तहत राजस्थान में पैक्स कंप्यूटरीकरण ने रफ्तार पकड़ी है। राज्य की 7,468 समितियों में से 6,375 ‘गो-लाइव’ हो चुकी हैं, जिनमें जयपुर और चित्तौड़गढ़ का प्रदर्शन रहा श्रेष्ठ

फोटो सोर्स: एआई जेनरेटेड। 

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 24 फरवरी | केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पैक्स कंप्यूटरीकरण (PACS Computerisation) योजना के तहत राजस्थान की ग्राम सेवा सहकारी समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। सहकारी विभाग द्वारा 23 फरवरी 2026 को जारी ’कंसोलिडेटेड पैक्स कंप्यूटरीकरण प्रगति रिपोर्ट’ जारी की गई है । इसके मुताबिक, राज्य में आवंटित कुल 7468 पैक्स में से 6375 समितियां पूरी तरह से ’गो-लाइव’ हो चुकी हैं। साथ ही, 6464 पैक्स में डेटा कन्वर्जन (DCT) का कार्य भी पूरा किया जा चुका है । वही वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अब तक 4346 समितियों का ऑडिट कार्य सिस्टम के माध्यम से संपन्न करवाया गया है । इसके अलावा, डिजिटलीकरण की इस दौड़ में जयपुर सीसीबी में सर्वाधिक 403 पैक्स आवंटन के साथ, 366 समितियां गो-लाइव हो चुकी हैं। इसी तरह नागौर में 390 पैक्स में से 270 समितियां गो-लाइव हो चुकी हैं, यहाँ ऑडिट के कार्य में भी तेजी देखी गई है तथा भीलवाड़ा में 370 पैक्स में से 349 समितियां गो-लाइव होकर सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। इसी प्रकार चित्तौड़गढ़ जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने 355 आवंटित पैक्स में से 320 को गो-लाइव कर दिया है। कुल मिलाकर राजस्थान में 3460 ग्राम सेवा सहकारी समितियां ई-पैक्स (E-PACS) के उन्नत चरण में प्रवेश कर चुकी हैं । हालाँकि ’डायनेमिक डे-एंड’ (Dynamic Day-End) जैसे कुछ तकनीकी मापदंडों की प्रगति संतोषप्रद नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल सक्रिय समितियों में से 2215 समितियों ने ही वर्तमान में डे-एंड प्रक्रिया पूरी की है ।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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