Home जयपुर सहकारी बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को समर्पित अवकाश भुगतान करने की उठी मांग

सहकारी बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को समर्पित अवकाश भुगतान करने की उठी मांग

सार

Rajasthan News : सहकार नेता ने कहा कि यह कैसी मनमानी, विरोधाभासी व भेदभावपूर्ण व्यवस्था है कि सहकारी बैंको में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापित सहकारी विभाग के सभी अधिकारियों ने तो समर्पित अवकाश की सुविधा पेटे अप्रैल 2024 में ही पूरा भुगतान उठा लिया है, जबकि उसी बैंक के मूल सहकारी बैंक कार्मिक को नियमानुसार देय समर्पित अवकाश भुगतान अभी तक नहीं किया हैं,

विस्तार

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 13 अगस्त | प्रदेश में अपेक्स बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंक, राज्य भूमि विकास बैंक एवं प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अप्रैल 2024 से नियमानुसार देय 15 दिवस समर्पित अवकाश का भुगतान करने की मांग सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने उठाई है। इसके लिए ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन व ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से सहकारिता मंत्री, सहकारिता विभाग के शासन सचिव सहित रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर को ज्ञापन देकर, नियमानुसार समर्पित अवकाश भुगतान की मांग की है।
सहकार नेता ने बताया कि नियमानुसार वित्तीय वर्ष में सहकारी बैंक के लाभ में होने पर 15 दिवस समर्पित अवकाश बैंक कर्मचारी व अधिकारी को अप्रैल माह से 15 दिन के वेतन का नकद भुगतान किया जाता है, यह सुविधा वर्षों से देय है ।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पात्र सहकारी बैंको के लाभ में होने व अर्जित लाभ पर आयकर देने की मजबूत आर्थिक स्थिति के बावजूद अपेक्स बैंक, एसएलडीबी सहित पात्र सीसीबी एवं पीएलडीबी सहकारी बैंकों के कर्मचारियों व अधिकारियों को अप्रैल 2024 में मिलने वाले समर्पित अवकाश का भुगतान अगस्त माह तक नहीं किया गया है। जिससे राज्य भर के सहकारी बैंक कर्मियों में सरकार के प्रति असंतोष व रोष व्याप्त है, आमेरा ने कहा कि भुगतान की देरी से बैंक कर्मियों के उपार्जित अवकाश लेप्स होने से भी दोहरा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है ।

नियम विरुद्ध व्यवस्था में उलझ गई भुगतान प्रक्रिया

सहकार नेता ने बताया कि सहकारी बैंक कर्मियों के उपार्जित अवकाश सहित सभी अवकाश नियमानुसार बैंक नियोक्ता के सक्षम अधिकारी द्वारा बैंक स्तर पर ही स्वीकृत किया जाते है, तो नियमानुसार उस अवकाश के एवजी नक़द वेतन भुगतान का अधिकार भी उसी नियोक्ता एवं अवकाश स्वीकृत अधिकारी को होता है तथा होना चाहिए, लेकिन रजिस्ट्रार, शासन सचिव, वित्त विभाग स्तर से स्वीकृति की अनावश्यक, अव्यवहारिक, अनुचित एवं नियम विरुद्ध व्यवस्था थोप कर नियमानुसार देय वाजिब आर्थिक भुगतान को प्रक्रिया में उलझाकर सहकारी विभाग द्वारा सहकारी बैंक कर्मियों को आर्थिक प्रताड़ित व परेशान किया जा रहा है, जिससे बैंक कर्मियों में सहकारी विभाग की बैंक कर्मियों के प्रति विरोधी रीति-नीति के विरुद्ध भारी रोष व्याप्त है ।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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