सार
Rajasthan : सहकारी बैंकों में 449 विभिन्न पदों पर हुई भर्ती, उन्हें परिविक्षा काल में पारिश्रमिक के तौर पर मिल रही अल्प राशि, सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने सम्मानजनक बढ़ोतरी की उठाई मांग

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 7 अगस्त | प्रदेश में केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) में सीधी भर्ती से नियोजित बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को 2 वर्ष की परिविक्षा अवधि (Probation) में नियम पारिश्रमिक दिया जा रहा हैं, जिसमें सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग को लेकर ऑल राजस्थान को-आपरेटिव बैंक एम्प्लाईज यूनियन एवं ऑफ़िसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने सहकारिता मंत्री, सहकारिता विभाग प्रमुख शासन सचिव, रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर एवं अपेक्स बैंक प्रबंध निदेशक को ज्ञापन दिया हैं । जिसके मुताबिक प्रदेश में राज्य सहकारी बैंक एवं 29 केंद्रीय सहकारी बैंकों में बैकिंग सहायक, प्रबंधक सीनियर मैनेजर, कंप्यूटर प्रोग्रामर के 449 पदों पर सीधी भर्ती हुई, इस प्रक्रिया के उपरांत चयनित बैकिंग सहायकों को उनके परिविक्षा काल में 11950 रुपए प्रति माह पारिश्रमिक दिया जा रहा हैं । जबकि सहकारी बैंकों में बैकिंग सहायक का प्रारंभिक मूल वेतन की श्रंखला 25910-12170 की हैं ।
अब सहकार नेता आमेरा ने प्रारंभिक मूल वेतन की श्रंखला के अनुसार बैंकिंग सहायक के फिक्स वेतन में सम्माजनक बढ़ोतरी करने और उसके अनुरूप अधिकारियों की फिक्स वेतन में भी सम्मानजनक बढ़ोतरी करने की मांग उठाई हैं । उन्होने बताया कि राज्य सरकार के 2 वर्ष परिविक्षा काल एवं नियत पारिश्रमिक प्रावधान को सहकारी बैंकों में अनुचित रूप से थोपने का यूनियन विरोध कर रही है ।
वही सहकारी बैंकों में कर्मियों को वेतन भुगतान बैंकों द्वारा स्वयं के आर्थिक साधनों से किया जाता है, जिससे राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आता है । हालांकि देश के अन्य सभी बैंकों में केवल 6 माह परिविक्षा काल का होता है, और परिविक्षा काल में भी नियमित वेतनमान का भुगतान किया जाता है ।
कर्मी का स्थाई ठहराव नहीं होना चिंता का विषय
सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने इस प्रक्रिया पर चिंता जाहिर करते हुए कहा हैं कि सहकारी बैंकों में 2 वर्ष का परीविक्षा काल और उसमें अपर्याप्त 11950 फिक्स वेतन के चलते नए कर्मी जॉइनिंग नहीं करने या कर्मियों में स्थाई ठहराव नहीं रहता हैं, जिससे भर्ती का प्रयोजन ही विफल हो जा रहा है, और पद छोड़कर जाने से भर्ती से भरे पद ही पुनः रिक्त हो रहें हैं । उन्होने सहकारी बैंकों में अन्य बैंकों या राज्य-केंद्र सेवा से नौकरी छोड़कर आए कार्मिक को परिवीक्षा काल में समान वेतन संरक्षण (Pay Protect) का प्रावधान लागू किए जाने की मांग सरकार एवं सहकारी विभाग के समक्ष उठाई हैं । उन्होने बताया कि इस भर्ती में अन्य सहकारी बैंक, व्यावसायिक बैंक, राज्य केंद्र सेवा एवं सेना से फुलटाइम वेतन लेने वाले व्यक्ति नौकरी छोड़कर आए है, जिनको वेतन संरक्षण का लाभ मिलना चाहिए ।


