सार
Jaipur : राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 के तहत किसानों के लिए 25,000 करोड़ रुपये के अल्पकालीन फसली ऋण का लक्ष्य रखा, जिसकी अनुपालना में राजस्थान राज्य सहकारी बैंक ने सीसीबीवार लक्ष्य निर्धारित कर दिए

विस्तार
जयपुर | डिजिटल डेस्क | 7 अप्रैल | राज्य सरकार ने बजट घोषणा वर्ष 2026-27 में प्रदेश के किसानों को केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) के माध्यम से 25,000 करोड़ रुपये के अल्पकालीन फसली ऋण (Short Term Crop Loan) वितरण का लक्ष्य प्रस्तावित किया है। इस संबंध में राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (RSCB) के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चूंडावत ने प्रदेश के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं | जिसके मुताबिक राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 25,000 करोड़ का लक्ष्य रखा है, तथा नाबार्ड (NABARD) से प्राप्त होने वाली पुनर्भरण राशि, पिछले वर्ष के वितरण और बैंकों की वित्तीय क्षमता के आधार पर ऋण लक्ष्यों का बैंकवार और सीजनवार (खरीफ एवं रबी) निर्धारण किया गया है, वही यदि किसी बैंक के पास खरीफ या रबी सीजन के लक्ष्यों में कमी या अधिकता रहती है, तो वे अपने स्तर पर कुल लक्ष्यों के भीतर ही खरीफ और रबी फसल के लक्ष्यों को आपस में ‘इंटरचेंज’ कर सकेंगे | इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऋण वितरण में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए निर्धारित अनुपात का पालन हो, ताकि ब्याज अनुदान सहायता का पूर्ण उपयोग हो सके और सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों को ऋण वितरण के इन लक्ष्यों को KPI (Key Performance Indicators) के अनुरूप मासिक आधार पर पूरा करना होगा। इसकी नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि समय पर किसानों तक आर्थिक मदद पहुँच सके।
खरीफ सीजन 13,400 करोड़ और रबी सीजन 11,600 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित
शीर्ष बैक ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 25,000 करोड़ रुपये के अल्पकालीन ऋण वितरण का लक्ष्य रखा है। इसमें से खरीफ सीजन 13,400 करोड़ रुपये और रबी सीजन 11,600 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है । राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) के यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खरीफ सीजन (मानसून की फसल) पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसके लिए रबी की तुलना में लगभग 1,800 करोड़ रुपये अधिक आवंटित किए गए हैं।
25,000 करोड़ रुपये के फसली ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की ओर से इस वित्तीय वर्ष के तहत, जयपुर सीसीबी को 2031 करोड़, सीकर सीसीबी को 1475 करोड़, चित्तौड़गढ़ सीसीबी को 1333 करोड़, बाड़मेर सीसीबी को 1314 करोड़, भीलवाड़ा सीसीबी को 1289 करोड़, हनुमानगढ़ सीसीबी को 1236 करोड़, श्रीगंगानगर सीसीबी को 1089 करोड़, अलवर सीसीबी को 1004 करोड़, झालावाड़ सीसीबी को 972 करोड़, पाली सीसीबी को 944 करोड़, कोटा सीसीबी को 930 करोड़, झुंझुनू सीसीबी को 893 करोड़, बीकानेर सीसीबी को 891 करोड़, उदयपुर सीसीबी को 856 करोड़, जोधपुर सीसीबी को 809 करोड़, जालौर सीसीबी को 742 करोड़, अजमेर सीसीबी को 729 करोड़, बूंदी सीसीबी को 715 करोड़, दौसा सीसीबी को 674 करोड़, सवाई माधोपुर सीसीबी को 641 करोड़, चुरू सीसीबी को 619 करोड़, टोंक सीसीबी को 599 करोड़, नागौर सीसीबी को 571 करोड़, बांसवाड़ा सीसीबी को 567 करोड़, बारां सीसीबी को 553 करोड़, भरतपुर सीसीबी को 496 करोड़, जैसलमेर सीसीबी को 387 करोड़, डूंगरपुर सीसीबी को 349 करोड़, और सिरोही सीसीबी को 292 करोड़ ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया है।


