सार
Rajasthan Assembly : सहकारिता विभाग का विधानसभा में जवाब : राजस्थान के केंद्रीय सहकारी बैंकों के कोर्ट में लंबित मामलों वाले कर्मियों को भी अब 16वें वेतन समझौते का लाभ मिलेगा। वित्त विभाग के मार्गदर्शन पर जारी आदेशानुसार, 1 जनवरी 2019 से वेतन वृद्धि प्रभावी होगी।
File Photo – Rajasthan Assembly
विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 22 मार्च | प्रदेश के विभिन्न केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) में कार्यरत उन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अब 16वें वेतन समझौते का लाभ मिलना शुरू हो गया है, जिनके मामले न्यायालयों में लंबित थे । राजस्थान विधानसभा के चतुर्थ सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर में सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्त विभाग ने इस संबंध में अपनी राय और मार्गदर्शन उपलब्ध करवा दिया है । सहकारिता विभाग ने लिखित में बताया कि, वित्त विभाग ने मार्च और अप्रैल 2025 के दौरान सहकारिता विभाग को अपना मार्गदर्शन प्रदान किया था। इस मार्गदर्शन के आधार पर, सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) द्वारा 3 जून 2025 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया । इस आदेश के माध्यम से राज्य के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों और राजस्थान राज्य सहकारी बैंक को निर्देशित किया गया कि वे न्यायालय में लंबित मामलों से संबंधित कर्मियों को 16वें वेतन समझौते का लाभ प्रदान करें । इस मंजूरी के साथ वित्त विभाग ने एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के निर्णयाधीन कार्मिकों को 16वें वेतन समझौते के अनुसार वेतन निर्धारण की सहमति इस आधार पर दी गई है कि प्रशासनिक विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि यदि भविष्य में न्यायालय का अंतिम निर्णय बैंक के पक्ष में आता है, तो कर्मचारियों से किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी । यह शर्त कर्मचारियों के वित्तीय हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से लगाई गई है ताकि न्यायिक प्रक्रिया के कारण उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
हालांकि, सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) के आदेशों का पालन न करने वाले प्रबंध निदेशकों (MDs) के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर विभाग ने कहा कि वर्तमान में ऐसा कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है और वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही चरणबद्ध तरीके से लाभ दिया जा रहा है। गौरतलब हैं कि इस पूरे प्रकरण की शुरुआत राज्य के सहकारी बैंकों में वेतन समझौते को लेकर उपजे विवादों से हुई थी। कई बैंक कर्मियों ने वेतन निर्धारण और भत्तों से संबंधित विसंगतियों के खिलाफ न्यायालय की शरण ली थी। इन लंबित न्यायिक मामलों के कारण, प्रशासन शुरू में इन कर्मचारियों को नए वेतन समझौते का लाभ देने में हिचकिचा रहा था।
जयपुर, अलवर, बारां और अपेक्स बैंक में कानूनी मामलों के कारण देरी
सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय के आदेश की पालना में भीलवाड़ा, जोधपुर और कोटा केंद्रीय सहकारी बैंक ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 16वें वेतन समझौते का लाभ दे दिया है । इसके अतिरिक्त, श्रीगंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक ने भी कुछ पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों को इस समझौते के दायरे में शामिल करते हुए लाभ प्रदान किया है । दूसरी ओर, कुछ बैंकों में अभी भी इस प्रक्रिया का पूर्ण कार्यान्वयन होना बाकी है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (शीर्ष बैंक) और अलवर, बारां तथा जयपुर के केंद्रीय सहकारी बैंकों ने अभी तक न्यायालयों में लंबित मामलों से जुड़े कर्मियों को यह लाभ नहीं दिया है । इसी तरह, श्रीगंगानगर CCB में भी कुछ कर्मी अभी इस लाभ की प्रतीक्षा में हैं। हालांकि, विभाग का कहना है कि निर्देशों की पालना नहीं किए जाने का कोई विशिष्ट प्रकरण अभी विचाराधीन नहीं है और प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ रही है ।
1 जनवरी 2019 से प्रभावी नया वेतन स्थिरीकरण
इस वेतन समझौते के तहत वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। उदाहरण के तौर पर, जोधपुर और भीलवाड़ा जैसे बैंकों में प्रबंधकों और बैंकिंग सहायकों के वेतनमानों को संशोधित कर नई वेतन श्रृंखलाओं में निर्धारित किया गया है । जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक ने 1 नवंबर 2025 को जारी अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि वेतन स्थिरीकरण की प्रक्रिया 1 जनवरी 2019 से प्रभावी मानी जाएगी । बैंक ने यह भी साफ किया है कि वेतन वृद्धि और एरियर का भुगतान उच्च न्यायालय में दायर विभिन्न रिट याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा । वही श्रीगंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक ने भी अपने वरिष्ठ प्रबंधकों और अन्य संवर्गों के लिए इसी तरह के आदेश जारी किए हैं । बैंक प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया है कि 1 जनवरी 2019 के आधार पर नया मूल वेतन निर्धारित किया जाए और कर्मचारियों को उनके संवर्ग के अनुसार पदोन्नति और वार्षिक वेतन वृद्धियों का लाभ भी प्रदान किया जाए । कोटा केंद्रीय सहकारी बैंक ने भी 26 जून 2025 को आदेश जारी कर मुख्य प्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की है ।


