Home जयपुर गोदामों का निर्माण आवश्यकता एवं धन की उपलब्धता के आधार पर – सहकारिता मंत्री

गोदामों का निर्माण आवश्यकता एवं धन की उपलब्धता के आधार पर – सहकारिता मंत्री

प्रश्नकाल में विधायक सुश्री दिव्या मदेरणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना

जयपुर, 14 मार्च। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि विभाग द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम का निर्माण जनप्रतिनिधियों की मांग अनुसार, आवश्यकतानुसार तथा धन की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है।
श्री आंजना ने प्रश्नकाल में विधायक सुश्री दिव्या मदेरणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया किराज्य की ग्राम सेवा सहकारी समितियों अथवा क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की भण्डारण क्षमता में वृद्धि किये जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बजट घोषणा एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत गोदाम निर्माण करवाये जाने की योजना है । उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में बजट घोषणा के तहत निर्धारित गोदामों के निर्माण हेतु स्वीकृति जारी की जा चुकी है तथा वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत राशि प्राप्त होना शेष है ।
उन्होंने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों अथवा क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की भण्डारण क्षमता में वृद्धि किये जाने हेतु संबंधित समिति के पास भूमि उपलब्ध होने, गोदाम की उपयोगिता एवं समिति से संबंधित बैंक के माध्यम से प्रस्ताव प्राप्त होने पर तत्समय उपलब्ध बजट के आधार पर गोदाम निर्माण हेतु प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति जारी की जाती है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि जोधपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक से सम्बन्ध विधानसभा क्षेत्र औसिंया के अन्तर्गत 39 ग्राम सेवा सहकारी समितियां कार्यरत है । उनमें से 35 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण हो चुका है । उन्होंने बताया कि एकलखोरी एवं भेड ग्राम सेवा सहकारी समिति में गोदाम निर्माणाधीन है । श्री आंजना ने बताया कि बैठवासिया एवं नान्दियाखुर्द ग्राम सेवा सहकारी समिति के पास भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण गोदाम निर्माण नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को भूमि आंवटन हेतु समिति द्वारा आवेदन किया गया है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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