Home जयपुर CM-OTS योजना : राजस्थान में रिकॉर्ड 147 करोड़ रुपये की नकद वसूली, ऋणियों को मिली 191 करोड़ की बड़ी राहत

CM-OTS योजना : राजस्थान में रिकॉर्ड 147 करोड़ रुपये की नकद वसूली, ऋणियों को मिली 191 करोड़ की बड़ी राहत

सार 

Jaipur : मुख्यमंत्री एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के तहत राजस्थान के सहकारी भूमि विकास बैंकों ने 147 करोड़ रुपयेकी रिकॉर्ड नकद वसूली की। साथ ही, 10,534 किसानों को 191 करोड़ रुपये की ब्याज राहत देकर ऋण ढांचा मजबूत किया

विस्तार 

जयपुर | डिजिटल डेस्क | 3 अप्रैल | राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक (RSLDB) के मार्गदर्शन और प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों (PLDB) की सक्रियता से प्रदेश के दीर्घकालीन सहकारी ऋण ढांचे को नई संजीवनी मिली है। मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 (CM-OTS) के तहत राज्य में रिकॉर्ड वसूली और राहत के आंकड़े दर्ज किए गए हैं ​| आरएसएलडीबी के प्रबंध निदेशक जितेंद्र प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के 36 पीएलडीबी द्वारा शानदार प्रदर्शन किया गया है, जिसमे राहत और नकद वसूली को मिलाकर कुल 338.18 करोड़ रुपये के ऋण मामलों का निपटारा किया गया एव 11,087 ऋणी सदस्यों से कुल 146.95 करोड़ रुपये की नकद वसूली की गई 10,534 ऋणी सदस्यों को कुल 191.23 करोड़ रुपये की ब्याज राहत प्रदान की गई है

वसूली में ये जिले रहे ‘अव्वल’

मुख्यमंत्री एकमुश्त समझौता योजना के तहत प्रतिशत वसूली के मामले में बिलाड़ा पीएलडीबी 91.46 प्रतिशत के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहीं। इसके बाद क्रमशः चित्तौड़गढ़ 86.17 प्रतिशत, बीकानेर 82.73 प्रतिशत, बालोतरा 76.51 प्रतिशत और जोधपुर 74.32 प्रतिशत शीर्ष पांच पीएलडीबी में शामिल रहे। वही नकद राशि जमा करने के मामले में सीकर 1339 लाख रुपये के साथ सबसे आगे रहा, जिसके बाद जालौर 1226 लाख और राजसमंद 1048 लाख का स्थान रहा।

जालोर पीएलडीबी में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के तहत वसूली कार्य (File Photo) 

वहीं, ऋणियों को ब्याज छूट के माध्यम से राहत पहुँचाने में जालौर ने 2061 लाख, सीकर ने 1763 लाख, अलवर ने 1264 लाख और झालावाड़ ने 1149 लाख रुपये की राहत प्रदान की है। इस अभूतपूर्व सफलता पर प्रबंध निदेशक जितेंद्र प्रसाद ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस रिकॉर्ड वसूली से दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना मजबूत होगी, जिससे आगामी वर्षों में राज्य के किसानों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान में बड़ी मदद मिलेगी।

” 147 करोड़ की नकद वसूली और 191 करोड़ की राहत सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। ” — जितेंद्र प्रसाद, प्रबंध निदेशक, RSLDB

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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