Home जयपुर 31 सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्वीकृति

31 सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्वीकृति

Raj Sahkar
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जयपुर । डिजिटल डेस्क I 19 जून I राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत किसानों की सुविधा के लिए आगामी दो वर्षो में 1500 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जानी है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक समिति पर 8 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे। सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार की ओर से 31 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की स्वीकृति जारी की गई हैं । गौरतलब हैं कि लघु एवं सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर लागू की गयी, इस योजना के तहत जीएसएस एवं एफपीओ को ट्रैक्टर एवं क्षेत्रीय आवश्यकता अनुरूप अन्य कृषि यंत्र खरीदने होंगे, जिन्हें किसानों को किराये पर दिया जायेगा। सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक कस्टम हायरिंग सेंटर पर 10 लाख रुपये लागत आयेगी, इस पर सरकार द्वारा 8 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा।

स्वीकृत कस्टम हायरिंग सेंटर की सूची

रजिस्ट्रार की ओर से जारी स्वीकृति आदेश के मुताबिक, अलवर जिले में 7, बूंदी में 2, प्रतापगढ़ में 2, चित्तौड़गढ़ में 5, जालोर में 2, दौसा में 1, बांरा में 1, डूंगरपुर में 2, भरतपुर में 3, जयपुर में 3, नागौर में 2, झुझुनू में 1 ग्राम सेवा सहकारी समिति में कस्टम हायरिंग सेंटर स्वीकृत किये गये है।

प्रत्येक सेंटर के लिए 8 लाख रुपये अनुदान मिलेगा

कस्टम हायरिंग सेंटर के चयन एवं खरीद में सहयोग करने एवं क्रय किये गये कृषि यंत्रों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित की गयी है, जिसमें सम्बंधित केंद्रीय सहकारी बैंक का प्रबंध निदेशक, सहकारिता विभाग का उप रजिस्ट्रार एवं उप-निदेशक कृषि का शामिल किया गया है। अनुदान के रूप में 8 लाख रुपये की राशि अपेक्स बैंक के माध्यम से केंद्रीय सहकारी बैंक को हस्तांतरित की जाएगी।

समिति करेगी कृषि यंत्रों की खरीद

सहकारिता विभाग के अनुसार, कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए कृषि उपकरणों की खरीद का कार्य सम्बंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा ही किया जाएगा। कृषि यंत्रों की खरीद के उपरांत जिला स्तरीय समिति द्वारा सत्यापन किया जाएगा, उसके पश्चात ही समिति को अनुदान की राशि का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, कौन-कौन सा कृषि यंत्र खरीद किया जाना है, इसकी सूचना समिति द्वारा एक प्रस्ताव पारित कर, सम्बंधित केंद्रीय सहकारी बैंक को देनी होगी।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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