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भूमि का उपयोग नहीं किये जाने वाले प्रकरणों की निगरानी के लिए कमेटी गठित

जालोर 29 जनवरी। राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित समयावधि अथवा विस्तारित समयावधि में भूमि का उपयोग नहीं किये जाने वाले प्रकरणों की निगरानी के लिए कमेटी गठित की गई है जो ऐसे प्रकरणों को चिन्हित कर खातेदार को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए संपरिवर्तन आदेश को प्रत्याहरित करने की अनुशंषा करेगी। जिला कलक्टर ने बताया कि राजस्थान भू-राजस्व (ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि का अकृषि प्रयोजनार्थ संपरिवर्तन) नियम 2007 के प्रावधानों के तहत संपरिवर्तित भूमि के संपरिवर्तन प्रयोजन हेतु भूमि के उपयोग की अवधि नियम 14 में निर्धारित की गई है। इस नियम के तहत निर्धारित समयावधि अथवा विस्तारित समयावधि में भूमि का उपयोग नहीं किये जाने वाले प्रकरणों की निगरानी के लिए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में राजस्व विभाग द्वारा कमेटी का गठन किया गया है जो ऐसी संपरिवर्तित भूमि जिसका निर्धारित समयावधि अथवा विस्तारित समयावधि में उपयोग नहीं किया गया है, ऐसे प्रकरणों को चिन्हित कर खातेदार को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए संपरिवर्तन आदेश को प्रत्याहरित करने की अनुशंषा करेगी। उन्होंने समस्त उपखण्ड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ऐसे प्रकरणों को चिन्हित कर प्रस्ताव सात दिवस में भिजवाना सुनिश्चित करें। 

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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