ऋण माफी की बकाया राशि को लेकर बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक मुख्यालय पर कल होगा धरना प्रदर्शन

सार 

Barmer : केंद्रीय सहकारी बैंक के करीब 81 करोड़ कर्ज माफी के विलंब भुगतान पेटे बकाया, अब कल केंद्रीय सहकारी बैंक स्तर पर होगा धरना प्रदर्शन

विस्तार 

बाड़मेर । डिजिटल डेस्क | 3 फरवरी | राज्य सरकार की ऋण माफी (loan waiver) योजना में विलंब भुगतान पर 8 प्रतिशत की दर से देय ब्याज की बकाया राशि का भुगतान नहीं होने के चलते केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) बाड़मेर के कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। दरअसल केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) बाड़मेर के कर्मचारी और अधिकारी अपनी मांगों को लेकर 4 फरवरी 2026 को बैंक स्तर पर और 9 फरवरी 2026 को राजधानी जयपुर में विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन जिला यूनिट बाड़मेर के अनुसार, वर्ष 2018 और 2019 में की गई फसली ऋण माफी के ब्याज की राशि अभी तक सरकार से प्राप्त नहीं हुई है। पूरे प्रदेश के केंद्रीय सहकारी बैंकों का कुल 765 करोड़ रुपये और अकेले बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक के 81 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। आरबीआई (RBI) के नियमों के मुताबिक, यदि ऋण माफी के ब्याज की राशि 90 दिनों से अधिक समय तक सरकार के पास बकाया रहने पर बैंक को इसके विरुद्ध शत-प्रतिशत प्रावधान करना पड़ता है। इससे बैंक की वित्तीय स्थिति और साख को गहरा नुकसान पहुँच रहा है।

किसानों और कर्मचारियों पर दोहरी मार

यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि बकाया राशि न मिलने से बैंक को भारी नुकसान हो रहा है। इसके परिणामस्वरूपः किसानों को नए ऋण बांटने के लिए बैंक के पास पर्याप्त नकदी नहीं बच रही है। साथ ही बैंक कर्मियों के लाभ और सुविधाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। सहकारिता विभाग द्वारा इस राशि को दिलाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक पूर्व में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के जयपुर दौरे को देखते हुए हड़ताल स्थगित की गई थी, लेकिन अब तक केंद्रीय सहकारी बैंकों को बकाया ब्याज की राशि नहीं मिलने के कारण पुनः सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है।

आंदोलन की रूपरेखा

प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 फरवरी को बाड़मेर बैंक प्रधान कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा । इसके बाद यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 9 फरवरी 2026 को प्रांतीय यूनियन के आह्वान पर जयपुर में राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा । इसके अलावा कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और सहकारिता विभाग की होगी।

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