- दो साल में प्रदेश में 1500 कस्टम हायरिग केन्द्र खोलने का लक्ष्य

बाड़मेर । डिजिटल डेस्क I 20 दिसम्बर I राजस्थान कृषि तकनीक मिशन अन्तर्गत आगामी दो सालों में किसानों को महंगे कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 1500 कस्टम हायरिंग केन्द्रों (1500 Custom Hiring Centers) की स्थापना की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में 600 सेंटर खोलने का लक्ष्य है, जिसमें बाड़मेर जिले की 24 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (24 Village Service Cooperative Societies) पर कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापना करने की मंजूरी दी है। सहकारिता रजिस्ट्रार (cooperative registrar) ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेशानुसार कृषि यंत्रों की खरीद का कार्य चयनित ग्राम सेवा सहकारी समिति ही कर सकेगी। क्रय करने के बाद उपकरणों का संयुक्त सत्यापन जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति करेगी। इसके बाद ही संबंधित समिति को अनुदान की राशि भुगतान होगी। राशि का उपयोग होने के 15 दिवस में सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों, सबमिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के वर्ष 2020-21 के दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत उपयोगिता प्रमाण पत्र भिजवाना होगा। कार्य पूर्ण होने के बाद शेष राशि विभाग को 15 दिन में लौटानी होगी।
जिले में 24 सेंटर स्थापना
जिले की गुड़ामालानी पंचायत समिति की पादरडी, रतनपुरा, आलपुरा, बांटा, भेडाना, बायतू की बायतू पनजी, पनावड़ा, गिड़ा की गिड़ा, कुम्पलिया, धौरीमन्ना की धौरीमन्ना, भीमथल, भागभरे की बेरी, चौहटन की बाछड़ाऊ, लीलसर, ईशरोल, बाड़मेर की बाड़मेर आगोर, नोख, गड़रारोड़ की खबडाला, सेड़वा की कारटिया, रामसर की सेतराऊ, चाडी, बबुगुलेरिया, शिव की मौखाब, सिवाना की मौकलसर जीएसएस में कस्टम हायरिंग केन्द्र की प्रशासनिक मंजूरी दी है।


