भीलबडावास सहकारी समिति में खुला किसान समृद्धि केन्द्र


सिरोही, 18 अक्टूबर। सिरोही में स्थित भीलबडावास सहकारी समिति में जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित द्वारा प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र का फीता काटकर उद्घाटन द्वारा किया गया। इस मौके पर जिले की सहकारी समितियों के व्यवथापक एक कृषि विभाग के अधिकारी एवं किसान तथा स्थानिय जनसमूह उपस्थित रहें। कार्यक्रम कृभकों के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस मौके पर श्री संजय तनेजा उपनिदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद सिरोही द्वारा संबोधन करते हुए किसानों को उर्वरक वितरण के लिए सहकारी समितियों के महत्वपूर्ण योगदान की बात कही। जिले की सभी सहकारी समितियों को बीज, पौध संरक्षण रसायन के लाईसेंस लिये जाने पर जोर दिया जिससे जिले की 77 सहकारी समितियाॅ उर्वरकों के साथ-साथ कृषकों को उन्नत किस्म के बीज, पौध संरक्षण दवाईयाॅ भी उचित मूल्यों पर कृषकों को उपलब्ध करवा सकेगी। श्री विष्णु कुमार मार्केंटिग मैनेजर कृभकों ने बताया कि सम्पूर्ण भारत में 17 अक्टूबर को एक साथ 600 किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किये गये है। जिनमें से ही एक केन्द्र सिरोही जिले को भी मिला है। जंहाॅ किसानों को एक साथ ही उर्वरक, बीज, किटनाशी रसायन के साथ जैविक खाद तथा इन पर कस्टम हाईरिंग सेन्टर भी स्थापित किया गया है। जंहाॅ से किराये की उचित दरों पर किसान कृषि यंत्र व ट्रैक्टर ले सकेंगे। इन केन्दों पर कृषकों के मिट्टी व पानी के सैम्पल भी निःशुल्क जांच हेतु लिये जायेंगे। कार्यक्रम में श्री अर्जुन लाल पुरोहित जिला प्रमुख सिरोही ने जिले के कृषकों को डीएपी उर्वरक को जौधपुर व जालोर रैक पांइन्ट से दिये जाने के लिए जौर दिया एवं आगामी तीन-चार दिनों में 1000 मैट्रिक टन उर्वरक की आपूर्ति करने की सहमती कृभकों के उपस्थित अधिकारीयों द्वारा ली गई।

श्री नारायण सिंह चारण प्रबन्ध निदेशक सैन्ट्रल काॅ-आपरेटिव बैंक सिरोही द्वारा कृभकों कंपनी को आश्वस्त किया की सहकारी समिति अग्रीम भुगतान करने में असमर्थ रहती है तो उनको भुगतान की व्यवस्था मुख्यालय स्तर से की जायेगी तथा उर्वरक आपूर्ति के लिए राशि की कमी नहीं आने दी जायेगी। गौरतलब है कि माह अक्टूबर में 2500 मैट्रिक टन डीएपी उर्वरक की मांग की गई है। अब तक 664 मैट्रिक टन की ही आपूर्ति हुई है। कृभकों द्वारा तीन चार दिनों में की जा रही आपूर्ति से किसानों को अवश्य ही राहत पहुचेगी। यद्धपि कृषि विभाग द्वारा सरसों (राया) व चना में एक बैग डीएपी के स्थान पर तीन बैग एसएसपी व एक बैग यूरिया के उपयोग की किसानों को सिफारिश कर रहा है। जिस हेतु जिले की प्रत्येक पंचायत में तीन दिनों पर कृषक गोष्ठियों का आयोजन कर इसकी उपयोगीता के बारे में कृषकों को बताया गया है।
इस मौके पर सहाकारी समिति के अध्यक्ष भूपत देसाई, दिपीका सोनी मुख्य प्रबन्धक ससीबी, उमाशंकर दवे नोडल अधिकारी, व्यवस्थापक बाबूलाल कृभकों प्रतिनिधि अशोक कुमार इत्यादि उपस्थित रहे।

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