एक दशक बाद सीमावर्ती जिले की जीएसएस में चुनावी धूम

चुनावी प्रक्रिया इसी महीने से, सितंबर में होंगे मतदान

After a decade, electoral boom in the border district’s GSS

बाड़मेर । डिजिटल डेस्क I 17 अगस्त I जिले की निर्वाचन योग्य और निर्वाचन ड्यु ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) में अब चुनावी धूम शुरू होने वाली है। एक दशक बाद चुनावी माहौल (election environment) को लेकर समितियों से जुड़े लोगों में उत्साह है। इकाई रिटर्निग अधिकारी बाड़मेर ने जिन समितियों में चुनाव बाकी है, वहां चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। वैसे बताते हैं कि जिले की 14 ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) को छोड़ कर शेष में चुनाव होने है। इसी महीने से चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी और सितंबर महीने में चुनाव होगा। जिले के इकाई रिटर्निग अधिकारी (unit returning officer) ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के साथ ही अब सहकारिता से जुड़े नेताओं ने चुनावी कसरत के लिए अपने कदम बढ़ा दिए है तो सहकारिता विभाग के इकाई रिटर्निग अधिकारी ने भी जिले में चुनाव कराने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।
इकाई रिटर्निग अधिकारी ने ग्राम सेवा सहकारी समिति पैक्स के संचालक मंडल के सदस्यों से लेकर पदाधिकारियों के चुनाव कराने का कार्यक्रम जारी किया है। इसके लिए पैक्स व लैम्पस में उप नियमानुसार वार्डोँ का गठन एवं संचालक मंडल में आरक्षण का प्रावधान किया जा चुका है। इकाई रिटर्निग अधिकारी व उप रजिस्ट्रार जयंत जयपाल ने चुनाव कराने वाले अधिकारियों से कहा कि उच्च न्यायालय जयपुर व जोधपुर पीठ में लगी याचिकाओं की पालना भी की जाए। अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

देखे चुनाव कार्यक्रम एक नजर में

  • कार्यक्रम ….. तारीख
  • निर्वाचन नोटिस व वार्डवार मतदाता सूची का प्रकाशन….. 26 से 30 अगस्त तक
  • मतदाता सूची पर आक्षेपों की सुनवाई के बाद प्रकाशन….. 31 अगस्त से 4 सितंबर तक
  • नामांकन दाखिल व सूचियों का प्रकाशन ….. 6 से 12 सितंबर तक
  • नाम वापसी व चुनाव चिन्ह आवंटन….. 6 सितंबर से 12 सितंबर तक
  • मतदान….. 14, 17, 20, 23 व 27 सितंबर
  • मतगणना….. 15,18,21,24 व 28 सितंबर
  • पदाधिकारियों के चुनाव….. 16,19,22,25 व 29 सितंबर
    (चुनाव पांच चरण में होंगे)

निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति

जिले में ग्राम सेवा सहकारी समिति ( जीएसएस) चुनाव के लिए 31 निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए है। जिनमें निरीक्षक भूरसिंह, नरेन्द्रसिंह महेचा, गोपलसिंह, गेनाराम, राजेन्द्रसिंह, श्रीमति सविता रानी, श्रीमति इन्दुबाला, सुनिल बाना, वही, विक्रता क्रय-विक्रय सहकारी समितियों से प्रभुराम, भट्टाराम, गणपतलाल, रविन्द्रसिंह, आशाराम, देवराज, जोधावरसिंह, जगदीश चौधरी, प्रेमसिंह, खेमाराम और केन्द्रीय सहकारी बैंक से सहा. अधिशासी अधिकारी दजाराम चौधरी, ऋण पर्यवेक्षक विशनाराम चौधरी, शंकरलाल मेघवाल, गेनाराम, डी.आर कार्यालय सहायक पुखराज, विशेष लेखा परिक्षक कार्यालय सहायक चन्द्रप्रकाश, अरबन कॉपरेटिव बैंक से बैंकिग सहायक उम्मेदाराम बामणिया, भूमि विकास बैंक से परबतसिंह एवं केन्द्रीय सहकारी बैंक बाड़मेर के सेवानिवृत्त मोहरसिंह, पूराराम, अणदाराम, पिथाराम, प्रेमसुन्दर शर्मा को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रथम चरण द्वितीय चरण तृतीय चरण चतृर्थ चरण पंचम चरण
रामसीन
जसोल
चांदेसरा
कीटनोद
समदड़ी
फूलन
सिवाना
देवन्द्री
पादरु
धनवा
पाटोदी
बड़नावा जागीर
चीबी
लापुन्दड़ा
सरवड़ी
मण्डली
गिड़ा
बायतू भोपजी
चवा
कोलू
खारिया तला
खानजी का तला
केसुम्बला
खोखसर
सेवनियाला
खुड़ाला
बिठुजा
आसोतरा
तिलवाड़ा
हाड़लीनाडी
रानीदेशीपुरा
खण्डप
थापन
मोकलसर
कांखी
दाखा
कालेवा
सिमरखिया
मलवा
परेऊ
डोली
मूल की ढाणी
अकदड़ा
माधासर
माडपुरा बरवाला
बाटाडू
भाड़खा
हुडो की ढाणी
पुनिया का तला
खोखसर पश्चिम
नोसर
सड़ा
सराणा
सिणली जागीर
साजियाली
बागावास
राखी
मजल
इन्द्राणा
धीरा
कुण्डल
मिठौड़ा
डऊकियों का तला
थोब
रिडियातालार
कुम्पलिया
बलाऊ जाटी
अम्बिका
पनावड़ा
बायतू भीमजी
भूरटिया
सिगोड़िया
कपूरड़ी
खिपसर
शहर
रतेऊ
सणपा
पायला कल्ला
कनाना
कालुड़ी
गोल
जेठन्तरी
करमावास
अजीत
गुड़ानाल
कोठड़ी
जूना मीठा खेड़ा
धारणा
नवौड़ा बेरा
रिछौली
जाजवा
खारड़ा
गंगावास
असराबा
कानोड़
बायतू पनजी
कवास
भीमड़ा
मूढो की ढाणी
सवाऊ पदमसिंह
सोहड़ा
राजबेरा
सरणु
पायला खुर्द
पारलू
बुड़ीवाड़ा
दुदवा
काकराला
अर्थण्डी
रामपुरा
मेली
सिणेर
भाटा
भूका भगतसिंह
नवातला
कल्याणपुर
सणतरा
जाखड़ा
कोरणा
छाछरलाई
बायतू चिमनजी
कोसरिया
छीतर का पार
चौखला
बांदरा
सवाऊ मूलराज
हिरा की ढाणी
उण्डू
डण्डाली
निम्बलकोट

प्रत्येक समिति में 12 वार्ड होंगे

ग्राम सेवा सहकारी समितियों में वार्ड का गठन होगा। प्रत्येक समिति में 12 वार्ड होंगे। इनमें जो ऋणी सदस्य है वे 11 लोगों को चुनेंगे और अऋणी 1 सदस्य चुनेंगे। 12 के वार्ड में दो महिलाएं, एक एसटी, एक एससी सदस्य होगी। ये 12 सदस्य मिलकर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसमें जो अऋणी सदस्यों से चुनकर एक सदस्य आएगा वह अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ सकता है, उपाध्यक्ष का लड़ सकता है। बाद में जब जिलास्तरीय समितियों के चुनाव होंगे तब इन ग्राम सेवा सहकारी समितियों का प्रतिनिधित्व उसमें होगा।

2011 के बाद नहीं हुए हैं चुनाव

उल्लेखनीय है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत अधिकांश संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के विभिन्न पदों के चुनाव पांच साल में करवाए जाते हैं, लेकिन प्रदेश में ग्राम सेवा सहकारी समितियां,क्रय विक्रय सहकारी समितियां, भूमि विकास बैंकों के चेयरमैन एवं सीसीबी के डायरेक्टर, कृषि उपज मण्डियों के सदस्य एवं चेयरमैन जैसे महत्वपूर्ण पदों के चुनाव नवंबर 2011 के बाद से अब तक नहीं हुए है। पहले कांग्रेस फिर भाजपा कार्यकाल में चुनाव नहीं करवाए गए। इन संस्थाओं में चुनाव कराने की बजाय उच्च पदों पर अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर रखा था।

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