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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कृषक 31 जुलाई तक करवाएं फसल बीमा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जालोर जिले में खरीफ वर्ष 2016 से संचालित है। खरीफ 2016 में 2.05 लाख कृषको को 186.09 करोड रूपये, खरीफ 2017 में 2.09 लाख कृषकों को 196.76 करोड रूपये, खरीफ 2018 में 1.94 लाख कृषको को 266.71 करोड रूपये, खरीफ 2019 में 0.3 लाख कृषको को 25.12 करोड रूपये, खरीफ 2020 में 0.91 लाख कृषको को 92.97 करोड रूपये, खरीफ 2021 में 10.72 लाख कृषकों को 376 करोड रूपये की राशि बीमा क्लेम के रूप में किसान के खातों मे बीमा कंपनी द्वारा भुगतान किया जा चुका है। 
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जालोर 28 जुलाई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषक अंतिम तिथि 31 जुलाई तक फसल बीमा करवाकर अतिवृष्टि एवं अनावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान के जोखिम से बच सकते हैं।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ.आर.बी.सिंह ने बताया कि जालोर जिले में खरीफ 2022 के लिए ज्वार, बाजरा, ग्वार, मूंग, मोठ, तिल, कपास एवं मूंगफली की फसले बीमा हेतु अधिसूचित है। बीमा की इकाई पटवार मंडल हैं। व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के पोर्टल पर अब तक 734852 कृषक बीमा पॉलिसी पंजीकृत की जा चुकी है जिसमें 45000 बीमा पॉलिसी गैर-ऋणी कृषकों द्वारा पंजीकृत करवाई गई है।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष खरीफ 2021 में जिले में कुल 7.07 लाख कृषक बीमा पॉलिसी पोर्टल पर पंजीकृत की गई थी। जिसमें गैर ऋणी कृषक पॉलिसी की संख्या 32000 थी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कम वर्षा होने, अत्यधिक वर्षा होने, जल प्लावन होने, कटी हुई फसल के खेत में रहने एवं वर्षा से नुकसान होने तथा सात वर्ष की अधिसूचित बीमा इकाई क्षेत्र (पटवार मंडल) के औसत उपज से कम उपज होने की स्थिति में कृषकों को होने वाले संभावित नुकसान का आच्छादन इस योजना में किया गया है।
फसल बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई 2022 है। कृषक अपने बैंक अथवा नजदीकी जनसेवा केन्द्र के माध्यम से ऋणी अथवा गैर-ऋणी कृषक के रूप में अपनी फसल का बीमा करवा सकते है। इस प्रकार कृषक संभावित अनावृष्टि अथवा अतिवृष्टि से फसलों में होने वाले नुकसान के जोखिम से बच सकते हैं।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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