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एग्रीस्टेक के तहत किसानों के डिजिटल डेटाबेस तैयार करें – मुख्य सचिव

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First meeting held regarding digital agriculture

जयपुर, 21 जुलाई। मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने निर्देश दिये कि राज्य के सभी किसानों के डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए। श्रीमती शर्मा गुरूवार को शासन सचिवालय में केन्द्रीय कृषि मंत्रलय द्वारा डिजिटल एग्रीकल्चर को लेकर आयोजित पहली बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के एग्रीस्टेक प्लान के अन्तर्गत किसानों को अधिक से अधिक और शीघ्र ही डिजिटली जोड़ा जाए ताकि उन्हें फसल बीमा क्लेम, फसल ऋण तथा विभिन्न सरकारी अनुदानों की जानकारी ऑनलाइन मिलती रहे। उन्होंने कहा कि डिजिटली लिंक होने से काश्तकारों को कृषि संबंधि परामर्श तुरन्त जारी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए देश के अन्य राज्यों के श्रेष्ठ मॉडल्स का अध्ययन भी किया जा सकता है।
बैठक में कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री दिनेश कुमार ने बताया कि राज साथी पोर्टल के माध्यम से किसानों के कल्याणार्थ चलायी जा रही सभी योजनाओं में ऑनलाइन काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को बीज और फर्टीलाइजर के लाइसेंस ऑनलाइन दिये जा रहे हैं तथा निःशुल्क सीड मिनिकिट्स का वितरण भी इसी पोर्टल के माध्यम से किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अब तक 75 लाख  किसानों की जमाबंदी के रिकार्ड के साथ उनके आधार को जोड़ा जा चुका तथा 1हजार 400 गांवों मे किसानोें कि यूनिक आईडी भी जारी की जा चुकी है।
कृषि आयुक्त श्री कानाराम ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से ’’एग्रीस्टेक डिजिटल एग्रीकल्चर’’ के सम्बंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का यह प्रयास किसानों को कृषि कार्य से होने वाले लाभ में वृद्वि करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कर्नाटक राज्य के ’’फ्रूट पोर्टल’’ और महाराष्ट्र के ’महाएग्रीटेक’ मॉडल्स की जानकारी भी दी।
बैठक में राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री आनंद कुमार, सहकरिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा, सूचना प्रोद्योगिकी और संचार विभाग के आयुक्त श्री आशीष गुप्ता सहित अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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