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फसल खराबे से 10 जिलों के 6122 गांव प्रभावित : एक लाख 84 हजार 682 कृषकों को 175 करोड़ रुपये का अनुदान भुगतान हेतु स्वीकृति जारी -आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री

फसल खराबे से 10 जिलों के 6122 गांव प्रभावित : एक लाख 84 हजार 682 कृषकों को 175 करोड़ रुपये का अनुदान भुगतान हेतु स्वीकृति जारी -आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री

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प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब देते हुए आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री श्री गोविंद राम मेघवाल

जयपुर, 15 मार्च। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री श्री गोविंद राम मेघवाल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि वर्ष 2021 में खरीफ फसल  के दौरान 10 जिलों के 6 हजार 122 गांवों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराबा हुआ और प्रभावित कृषकों में से एक लाख 84 हजार 682 कृषकों को 175 करोड़ रुपये का अनुदान भुगतान के वितरण हेतु स्वीकृति जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 70.58 लाख किसानों को भुगतान किया जाना शेष है जिनके भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
श्री मेघवाल ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि बाड़मेर जिले में सूखे से 16 तहसीलों में फसल खराबा होने के कारण अभावग्रस्त घोषित किया गया है। जिले में 2768 गांवों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराबा हुआ है। जिससे करीब 5.40 लाख किसान प्रभावित हुए हैं, 2 लाख 81 हजार 459 किसानों को कृषि अनुदान भुगतान के लिए 283.53 करोड़ रुपये का आंवटन कर दिया गया।
इससे पहले श्री मेघवाल ने विधायक श्री हमीर सिंह भायल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2021 में खरीफ फसल में 10 जिलों में 31 लाख 21 हजार 414 हैक्टेयर क्षेत्रफल में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराबा हुआ है। उन्होंने बताया कि बाड़मेर में 11 लाख 20 हजार 323 हैक्टेयर, बीकानेर में 1 लाख 96 हजार 428, चूरु में 25 हजार 970, डूंगरपुर में 20 हजार 939, जालौर में 5 लाख 5 हजार 396, जैसलमेर में 4 लाख 91 हजार 459, जोधपुर में 4 लाख 701, पाली में 2 लाख 84 हजार 668, सिरोही में 63 हजार 171 और नागौर 12 हजार 359 हैक्टेयर क्षेत्रफल में फसल खराबा हुआ है।
उन्होंने बताया कि राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को कृषि आदान अनुदान भुगतान करने एवं अन्य राहत गतिविधियों यथा पशु शिविर, चारा डिपो, पेयजल परिवहन के संचालन हेतु अतिरिक्त सहायता राशि उपलब्धु कराने हेतु भारत सरकार को ज्ञापन भिजवाया गया है। भारत सरकार से अब तक ज्ञापन के विरूद्ध कोई राशि प्राप्त् नहीं हुई है।  उन्होंने ज्ञापन की प्रति सदन के पटल पर रखी।
श्री मेघवाल ने बताया कि भारत सरकार को प्रेषित सूखे के ज्ञापन वर्ष 2021 के विरूद्ध कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन निधि की उपलब्धत राशि में से प्रभावित किसानों को कृषि आदान अनुदान भुगतान की कार्यवाही की जा रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में पशु शिविर एवं चारा डिपो संचालन के लिए विभाग द्वारा दिनांक 10 जनवरी 2022 को दिशा निर्देश जारी कर दिये गये है। उन्होंने बताया कि पेयजल परिवहन के संबंध में जनस्वास्थ्य  अभियान्ति्रकी विभाग द्वारा दिशा निर्देश जारी कर दिये गये है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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