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राज्य सरकार दुग्ध उत्पादकों के प्रति पूर्ण समर्पित, दुग्ध संबल योजना में अनुदान 2 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये किया – गोपालन मंत्री

  • तलछेरा में दुग्ध संकलन केंद्र खोलने पर किया जाएगा विचार – गोपालन मंत्री
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प्रश्नकाल में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब देते हुए गोपालन मंत्री श्री प्रमोद भाया

जयपुर, 2 मार्च। गोपालन मंत्री श्री प्रमोद भाया ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादकों के प्रति पूर्ण समर्पित है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट घोषणा में दुग्ध संबल योजना के तहत दिए जा रहे 2 रुपये प्रति लीटर अनुदान को बढ़ाकर 5 रुपये किया है। श्री भाया ने प्रश्नकाल में इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि विधान सभा क्षेत्र नदबई के गांव तलछेरा में दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति अस्तित्व में है, परंतु पिछले माह से दुग्ध संकलन घटने के कारण बंद पड़ी है। उन्होंने सदस्य को आश्वस्त करते हुए कहा कि इसी माह अधिकारियों को मौके पर भेजकर इस संबंध में जांच करवाई जाएगी और पर्याप्त मात्रा में दुग्ध संकलन होने पर दुग्ध संकलन केंद्र के साथ मिल्क चिल्लर (बीएमसी) लगाने पर भी विचार किया जाएगा। इससे पहले गोपालन मंत्री ने विधायक श्री जोगिन्दर सिंह अवाना के मूल प्रश्न के जवाब में बताया कि आरसीडीएफ से सम्बशद्ध भरतपुर दुग्धा उत्पानदक सहकारी संघ लिमिटेड़ के विधानसभा क्षेत्र नदबई के ग्राम तलछेरा में संघ का एक दुग्ध‍ संकलन केन्द्रक कार्यरत था, जिसे संघ द्वारा पंजीकृत दुग्ध् समिति के रूप में परिवर्तित करा दिया गया है। तलछेरा गांव भरतपुर दुग्धा संघ के नदबई मार्ग पर स्थित है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से संघ द्वारा दुग्ध वाहनों का संचालन कर नदबई क्षेत्र के सीमावर्ती 20 गांवों की दुग्ध समितियों एवं संकलन केन्द्रों  से औसतन लगभग 700-800 लीटर प्रतिदिन दुग्ध का संकलन किया जा रहा है। लीन सीजन में इस क्षेत्र में दुग्ध संकलन घटकर मात्र 150-200 लीटर प्रतिदिन रह जाता है। तलछेरा दुग्ध संकलन केन्द्र द्वारा भरतपुर दुग्ध संघ को मात्र 60 लीटर प्रतिदिन की औसत से ही दूध भेजा जा रहा है। गोपालन मंत्री ने बताया कि वर्तमान में भरतपुर जिला मुख्यालय पर संघ का डेयरी संयंत्र कार्यरत है तथा संयंत्र से नदबई क्षेत्र की दूरी भी मात्र 50 किलोमीटर है। वर्तमान में 700-800 लीटर दुग्ध का संकलन किया जा रहा है। इस गॉव में तथा आस-पास के क्षेत्र में यदि दुग्ध संकलन की मात्रा के आधार पर 1000 से 1500 लीटर क्षमता हो तो बीएमसी स्थापित की जा सकती है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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