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बीमा के आंकड़ों को दुरूस्त करने के लिए डाटा एनालिस्ट को नियुक्त करेंगे – कृषि मंत्री


जयपुर, 3 मार्च। कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि पाली जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल खराबे के बीमा क्लेम की राशि देने का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि बीमा से संबंधित आंकड़ों की मॉनिटरिंग के लिए शीघ्र ही डाटा एनालिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। श्री कटारिया प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बीमा क्लेम की राशि का भुगतान केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किया जाता है। राज्य सरकार का भी इस पर नियंत्रण रहता है तथा विभाग द्वारा इसकी मॉनिटरिंग की जाती है। उन्होंने बताया कि कोई भी शिकायत मिलने पर राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही की जाती है।  उन्होंने बताया कि पाली जिले में 6 हजार 740 किसानों की 11 हजार 479 पॉलिसी हुई हैं। डबल बीमा पॉलिसी या जोत के अंतर के कारण यह फर्क है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही डाटा एनालिस्ट की नियुक्ति की जाएगी, ताकि डाटा की समय-समय पर जांच होती रहे तथा केन्द्र सरकार के डाटा से उसका मिलान होता रहे।  इससे पहले विधायक श्री ज्ञानचंद पारख के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में श्री कटारिया ने बताया कि  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रचालन मार्ग दर्शिका के अनुसार बीमा कम्पनी को उपज परिणाम प्राप्त होने के उपरान्त 21 दिन की अवधि में अविवादित बीमा क्लेमों का भुगतान करना होगा, बशर्ते बीमा कम्पनी को राज्यांश प्रीमियम तथा केन्द्रीयांश प्राप्त हो गया हो। उन्होंने बताया कि पाली जिले के रोहट तहसील में खरीफ 2019 में कुल 33 पटवार मण्डल के 80 राजस्व ग्रामों के लिये गिरदावरी की गई थी। उन्होंने खरीफ 2019 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत तहसील रोहट में फसलवार उपज में हुई क्षति एवं वास्तविक उपज, कृषकवार आंकलित बीमा क्लेम तथा कृषकवार भुगतान किये गये बीमा क्लेम का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। कृषि मंत्री ने बताया कि दो कृषकोंंं को  तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं हो पाया था, इन दो शेष कृषकोंंं का भुगतान प्रक्रियाधीन है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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