Home राज्य राजस्थान SHG सशक्तिकरण अभियान: प्रति कार्यक्रम 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता के साथ VLP का आयोजन करेगा नाबार्ड।

SHG सशक्तिकरण अभियान: प्रति कार्यक्रम 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता के साथ VLP का आयोजन करेगा नाबार्ड।

​सार 

नाबार्ड ने राजस्थान में स्वयं सहायता समूहों (SHG) को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 हेतु 990 ग्राम स्तरीय कार्यक्रमों (VLP) के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसके सभी वित्तीय दावे ‘इंगेज पोर्टल’ के माध्यम से डिजिटल रूप से प्रस्तुत किए जाएंगे।

विस्तार

जयपुर | प्रदेश डेस्क 8 सितंबर | राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक सहबद्धता कार्यक्रम को मजबूत करने हेतु विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत, प्रदेशभर में ग्रामीण स्तर पर संवाद और वित्तीय सेवाओं के विस्तार के लिए ‘ग्राम स्तरीय कार्यक्रमों’ (Village Level Programmes – VLP) के आयोजन का खाका तैयार किया गया है।

नाबार्ड के राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक राजकुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बैंकर्स, स्वयं सहायता समूहों के प्रोत्साहन संस्थानों (SHPI/NGO), राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल व संवाद को बेहतर करना है। इस बेहतर समझ से समूहों को आसानी से ऋण (क्रेडिट लिंकेज) मिलने के साथ-साथ ऋण वसूली प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय सुधार आ सकेगा।​वर्ष 2026-27 के दौरान राजस्थान राज्य के विभिन्न बैंकों के लिए कुल 990 ग्राम स्तरीय कार्यक्रमों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए प्रति कार्यक्रम अधिकतम 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान रखा गया है।

इन सभी प्रस्तावों और दावों (Claims) को पारदर्शिता के साथ केवल नाबार्ड के ‘इंगेज पोर्टल’ (Engage Portal) के माध्यम से ही प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। पोर्टल पर स्वीकृति मिलने के बाद ही VLP का आयोजन किया जा सकेगा। इन आयोजनों के दौरान समूहों का श्रेणीकरण, ऋणों की सैद्धांतिक मंजूरी, चेक बुक वितरण, माइक्रो एटीएम के उपयोग की जानकारी, बचत खाते खोलना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से हितग्राहियों को जोड़ना जैसी प्रमुख गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

 

​पोर्टल के जरिए ही होंगे वीएलपी के सभी दावे, नाबार्ड ने दिए स्पष्ट निर्देश

​स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित होने वाले ग्राम स्तरीय कार्यक्रमों (VLP) की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया गया है। नाबार्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026-27 के लिए सभी अनुदान प्रस्ताव (ग्रांट प्रपोजल) और वित्तीय दावे केवल नाबार्ड के ‘इंगेज पोर्टल’ के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा, किसी अन्य माध्यम से भेजे गए प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।इस योजना के तहत राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक को 410, राजस्थान स्टेट कोऑपरेटिव बैंक को 25 तथा विभिन्न जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) को मिलाकर कुल 990 वीएलपी आयोजित करने का लक्ष्य सौंपा गया है। कार्यक्रमों के सफल समापन के बाद बैंकों को फोटोग्राफ, उपस्थिति पत्रक (अटेंडेंस शीट) और त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट जिला विकास प्रबंधक (DDM) की अनुशंसा के साथ नाबार्ड कार्यालय को प्रेषित करनी होगी।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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