सार
Jaipur : ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के तहत केंद्रीय सहकारी बैंकों को 100 करोड़ रुपये का 4% ब्याज अनुदान जारी

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 15 मई | राजस्थान सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अनुपालन में, ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के अंतर्गत राज्य के केंद्रीय सहकारी बैंकों को 100 करोड़ की ब्याज अनुदान राशि जारी की गई है । इसके लिए राजस्थान राज्य सहकारी बैंक उप महाप्रबंधक (परिचालन) मनप्रीत सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया । जिसके अनुसार, यह राशि वर्ष 2025-26 की योजना के तहत 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक प्राप्त हुई वसूली के दावों के विरुद्ध जारी की गई है । राज्य सरकार द्वारा कुल 100 करोड़ रुपये की यह राशि 20-20 करोड़ रुपये की पांच किश्तों में सीधे बैंकों के चालू खातों में जमा करा दी गई है । यह राशि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य श्रेणियों के ऋणों के आधार पर वितरित की गई है । साथ ही, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सहकारी बैंकों को 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान के पेटे यह राशि दी गई है । इसमें से बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सम्बद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों को देय 2 प्रतिशत मार्जिन राशि तत्काल जारी करना सुनिश्चित करें, ताकि जमीनी स्तर पर समितियों को भी इसका लाभ मिल सके ।
जयपुर सीसीबी को 7 करोड़ और सिरोही सीसीबी को 97 लाख रुपये की राशि आवंटित
प्रदेश के केंद्रीय सहकारी बैंकों को 100 करोड़ की राशि 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान पेटे जारी की गई है। इसमें जयपुर सीसीबी को सर्वाधिक 7 करोड़ 62 लाख रुपये मिले हैं। बाड़मेर को 6.78 करोड़, भीलवाड़ा को 5.62 करोड़, हनुमानगढ़ को 5.57 करोड़, सीकर को 4.95 करोड़, चित्तौड़गढ़ को 4.91 करोड़, बीकानेर को 4.07 करोड़, कोटा को 4.03 करोड़, पाली को 4.02 करोड़, और झालावाड़ व अलवर को 3.97-3.97 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसी क्रम में श्रीगंगानगर को 3.88 करोड़, झुंझुनूं को 3.55 करोड़, जालौर को 3.43 करोड़, जोधपुर को 3.31 करोड़, काफिला/उदयपुर को 3.14 करोड़, अजमेर को 2.58 करोड़, बूंदी को 2.53 करोड़, चूरू व सवाई माधोपुर को 2.40-2.40 करोड़, जैसलमेर को 2.38 करोड़, बारां को 2.28 करोड़, दौसा को 2.27 करोड़, टोंक को 2.15 करोड़, बांसवाड़ा को 2.05 करोड़, नागौर को 1.97 करोड़, भरतपुर को 1.80 करोड़ और डूंगरपुर को 1.25 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। सबसे कम राशि सिरोही सीसीबी को 97 लाख रुपये प्राप्त हुई है।


