सार
Sanchore : डाक विभाग के नए नियमों और अधिकारियों की अस्पष्टता से पाक्षिक समाचार पत्रों पर संकट खड़ा हो गया है। ‘मारवाड़ का मित्र’ के संपादक ने पंजीकरण और शुल्क संबंधी लिखित स्पष्टीकरण की मांग की है।

विस्तार
सांचौर । डिजिटल डेस्क । 21 फरवरी । भारतीय डाक विभाग द्वारा पाक्षिक एवं मासिक समाचार पत्रों के प्रेषण नियमों में किए गए हालिया बदलावों और स्थानीय अधिकारियों की स्पष्टता के अभाव ने क्षेत्रीय समाचार पत्रों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। ‘मारवाड़ का मित्र’ समाचार पत्र के प्रमुख संपादक प्रकाश वैष्णव ने जोधपुर जोन के डाक विभाग की कार्यप्रणाली और नियमों की अस्पष्टता को लेकर उच्चाधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण की मांग की है। संपादक प्रकाश वैष्णव के अनुसार, उनका समाचार पत्र लंबे समय से डाक विभाग में पंजीकृत था और निर्धारित नियमों के तहत मात्र 25 पैसे की टिकट लगाकर पाठकों तक पहुँचाया जा रहा था। लेकिन विभाग द्वारा नए नियम लागू किए गए, जिसके बाद बताया जा रहा है कि पाक्षिक एवं मासिक समाचार पत्रों के डाक पंजीयन स्वतः ही बंद हो गए हैं। स्थानीय डाक अधिकारियों द्वारा समाचार पत्र को Periodic Post के जरिए प्रत्येक समाचार पत्र की प्रति पर 2 रुपए की डाक टिकट लगाकर डाक में प्रेषण करने का कहा जा रहा है। अचानक मूल्य को 8 गुना बढ़ाकर पाक्षिक एवं मासिक समाचार पत्रों का प्रेषण विभाग द्वारा करवाया जा रहा है ।
अधिकारियों का असहयोग और मौखिक निर्देशों का खेल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जोधपुर जोन में डाक विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। आधिकारिक लिखित आदेश मांगने पर विभाग द्वारा पुराने या अप्रासंगिक दस्तावेज थमा दिए जाते हैं। प्रकाश वैष्णव ने विभाग से मांग की है कि Periodic Post’ के अंतर्गत 4 पेज के पंजीकृत समाचार पत्र पर लगने वाले वास्तविक शुल्क का आधिकारिक लिखित आदेश सार्वजनिक किया जाए और पुराने पंजीकरणों की वर्तमान स्थिति को लेकर विभाग लिखित स्पष्टता प्रदान करे।
अब देखना यह है कि डाक विभाग के उच्चाधिकारी इस विसंगति को दूर कर छोटे समाचार पत्रों को राहत प्रदान करते हैं या ‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में प्रिंट मीडिया के पाक्षिक एवं मासिक समाचार पत्र के इन स्तंभों को प्रशासनिक उलझनों की भेंट चढ़ा दिया जाएगा।


