सार
Rajasthan Assembly : सहकारिता विभाग के लिए 25 अरब 7 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित की हैं। सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि सरकार ने ब्याज मुक्त ऋण योजना में आगामी वर्ष के लिए 25 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा है। किसानों के प्रीमियम भार में 175 करोड़ की कमी और ‘रिस्क फंड’ से 350 करोड़ की बचत की गई।

विस्तार
जयपुर, 20 फरवरी। राजस्थान में विधानसभा में आज सहकारिता विभाग की (मांग संख्या-50) अनुदान मांगों पर बहस हुई । इसके बाद सदन ने सहकारिता विभाग की 25 अरब 7 करोड़ 75 लाख 63 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 43 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे 1 करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। हमारा प्रयास है कि हर किसान, हर युवा और हर महिला इस अभियान का सहभागी बने। उन्होंने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों को क्रियान्वित करने में राजस्थान देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि खाद-बीज, जुताई एवं अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दो वर्ष में किये गए ऋण वितरण से दोगुना अधिक है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में भी 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरण का प्रावधान किया है, जिससे प्रदेश के 35 लाख किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना में किसानों पर पड़ने वाले प्रीमियम भार में लगभग 175 करोड़ रुपये की कमी की गई है। वहीं, बीमा योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि किसानों को मिलने वाले क्लेम की राशि कम्पनियों को दिए जाने वाले बीमा प्रीमियम से काफी कम है। इसलिए राज्य में किसानों से केवल 1 प्रतिशत अंशदान लेकर रिस्क फंड बनाया गया है। इस प्रकार, दो वर्ष में किसानों के लगभग 350 करोड़ रुपये बचाये गए हैं।
हमनें किसानों को बीमा प्रीमियम के पुनर्भुगतान हेतु कमेटी गठित कर के रिस्क फंड बनाया और दो सालों में 35 लाख किसानों के ₹350 करोड़ बचाने का काम हमारी पारदर्शी सरकार ने किया है।
(राजस्थान विधानसभा में अनुदान की मांग संख्या 50 – सहकारिता पर विचार एवं पारण)#RajasthanAssembly… pic.twitter.com/cOFop1gvTU
— Gautam Dak (@DakMla) February 20, 2026
एकमुश्त समझौता योजना से पुनर्जीवित हुए भूमि विकास बैंक
सहकारिता मंत्री ने कहा कि भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समझौता योजना लागू की, जिसके अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत अवधिपार ऋणों में से लगभग 300 करोड़ रुपये की वसूली हुई। इससे लगभग 10 हजार किसान फिर से मुख्यधारा में आए हैं तथा तथा मृतप्राय हो चुके लगभग 25 प्राथमिक सहकारी बैंक पुनर्जीवित होकर लाभ की स्थिति में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में दादिया में आयोजित सहकारिता सम्मेलन से सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों में ऊर्जा का संचार हुआ। सहकार सदस्यता अभियान के दौरान सहकारी समितियों के लगभग 10 लाख नये सदस्य बनाये गए तथा लगभग 2,000 नवीन पैक्स का गठन किया गया। सहकारिता मंत्री ने बताया कि पैक्स में अनियमितताओं की रोकथाम तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। लगभग 6,700 पैक्स को गो-लाइव किया जा रहा है, जिससे गबन, घोटाले और अनियमितताएं रूकेंगे।
किसानों को मिली 10 हजार करोड़ की सम्मान निधि
श्री दक ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 10 करोड़ किसानों को सम्मान निधि देने की शुरूआत की। राज्य में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रथम बजट में ही मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा कर किसानों को अतिरिक्त सम्मान निधि देने की शुरूआत की गई। उन्होंने बताया कि राज्य के किसानों के खातों में अब तक सम्मान निधि के रूप से 10 हजार करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। श्री दक ने कहा कि नये गोदामों के निर्माण से प्रदेश में भण्डारण क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है।
पहली बार राज्य में पैक्स स्तर पर 500 मीट्रिक टन क्षमता के 200 गोदाम सहित कुल 600 गोदाम बनाये जा रहे हैं। वहीं, राज्य बजट में भी नये गोदामों के निर्माण की घोषणा भी की गई है। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत दो वर्ष में लगभग 1 लाख गोपालक किसानों को 1 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाये गए हैं। योजना में भ्रष्टाचार रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लाभार्थियों से फीडबैक लिया जा रहा है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड दलहन-तिलहन खरीद
सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राजफेड द्वारा 6.57 लाख से अधिक किसानों से 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक कीमत का 17 लाख 38 हजार मीट्रिक टन से अधिक दलहन-तिलहन खरीदा जा चुका है। जबकि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अंतिम दो वर्षों में एमएसपी पर 5.14 लाख किसानों से 6,000 करोड़ रुपये कीमत का 12 लाख मीट्रिक टन दलहन-तिलहन ही खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि खरीद में अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं तथा किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर 10 हजार फर्जी रजिस्ट्रेशन रद्द किये गए, 7 पटवारियों को निलम्बित किया गया तथा 38 पटवारियों के विरूद्ध 16 सीसीए एवं 17 सीसीए के अंतर्गत कार्रवाई की गई। साथ ही, ई-मित्र संचालकों एवं ट्रांसपोर्ट फर्म्स के विरूद्ध भी कार्रवाई की गई।
हमनें 10 लाख से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ा। 2000 से अधिक नए पैक्स का निर्माण हुआ और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से 6700 पैक्स में कंप्यूटराइजेशन के माध्यम से पारदर्शी बनाने का काम किया।… pic.twitter.com/zza1cHSLs9
— Gautam Dak (@DakMla) February 20, 2026
सहकारी समितियों में आमसभा अनिवार्य
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों में गबन, घोटाले जैसी संभावनाओं पर अंकुश लगाने के लिए इनकी समयबद्ध रूप से आमसभा करवाना अनिवार्य किया गया है। राष्ट्रीय सहकार मसाला मेले की सफलता के दृष्टिगत पहली बार तीन संभाग मुख्यालयों पर भी सहकार मेलों का आयोजन किया गया है। इस वर्ष सभी संभाग मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में मेले आयोजित किए जाएंगे। राज्य में सहकारी संस्थाओं द्वारा 40 के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 232 श्रीअन्न आउटलेट्स खोले जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। राज्य बजट में प्रत्येक जिले में उपहार विक्रय केन्द्र खोलने की घोषणा की गई है। उदयपुर में सहकारी क्षेत्र की राज्य की पहली बाइक ऑन रेंट सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मार्च-अप्रेल माह में जयपुर में भी भारत टैक्सी की शुरूआत हो जाएगी, जिसका लाभ आमजन और ड्राइवर्स को मिलेगा।
नई गतिविधियों से बढ़ रही समितियों की आय
श्री दक ने कहा कि राज्य की सहकारी समितियां अब केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है बल्कि वे जिम, हैल्थ केयर सेंटर, सॉटिंग एवं ग्रेडिंग सेंटर, लाइब्रेरी, कौशल केन्द्र, अतिथि गृह, सोलर प्लांट, वाटर हार्वेस्टिंग एंड फिल्ट्रेशन प्लांट आदि का संचालन कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। राजफेड एवं अपेक्स बैंक व सहकारी बैंकों में रिक्त पदों पर भर्ती की गई है। अन्य संस्थाओं में भी भर्ती का कार्य शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के संचालक मंडल को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों का बोध कराने के लिए प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।


