अलवर की रामगढ़ आदर्श पैक्स ने कर्ज से उभरकर नवाचार, डिजिटल सेवाओं और सहकार सुपर मार्केट के जरिए मिसाल पेश की है। कुशल प्रबंधन से यह समिति किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का केंद्र बनी है।

अलवर । डिजिटल | 19 फरवरी | ‘सहकार से समृद्धि’ का नारा आज जमीनी स्तर पर साकार होता दिख रहा है। राजस्थान के अलवर जिले में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्राम सेवा सहकारी समिति लि. रामगढ़ आदर्श ने अपनी कार्यप्रणाली, अटूट विश्वास और नवाचारों के दम पर न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में एक मिसाल पेश की है। आज यह समिति किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का मुख्य केंद्र बन चुकी है। रामगढ़ आदर्श ग्राम सेवा सहकारी समिति की स्थापना 21 जनवरी 1963 को हुई थी। शुरुआती दशकों में कई उतार-चढ़ाव देखने के बाद, एक समय ऐसा भी आया जब समिति पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। लेकिन हार मानने के बजाय, प्रबंधन और सदस्यों के सामूहिक प्रयासों ने इस डूबती नैया को पार लगाया। समिति के कार्यक्षेत्र में रामगढ़, पिपरोली, नंगला, सरेहटा, गोहा और चोकी गांव शामिल हैं। 25 अगस्त 2021 को समिति के विभाजन के बाद खानपुर कला को अलग कर नई समिति बनाई गई, जिसके बाद रामगढ़ समिति का कर्ज जो 2 करोड़ था, वह घटकर मात्र 60 लाख रह गया। इसके बाद समिति ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वर्तमान में समिति के अल्पकालीन ऋण वितरण को बढ़ाकर लगभग 1.50 करोड़ रुपये तक पहुँचा दिया गया है। अक्सर सहकारी समितियाँ केवल ऋण वितरण तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन रामगढ़ पैक्स ने बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन (व्यावसायिक विविधीकरण) का मॉडल अपनाया है। आज यह समिति केवल ऋण तक सीमित नहीं है, बल्कि सहकार सुपर मार्केट, सीएससी , मृदा परीक्षण केंद्र, एफपीओ और श्री अन्न स्टोर जैसी आधुनिक सेवाओं का सफल संचालन कर रही है। समिति ई-मित्र और सीएससी के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली बिल, पैन कार्ड और पीएम-किसान पंजीकरण जैसी डिजिटल सुविधाएँ घर बैठे दे रही है। साथ ही, एफपीओ के रूप में किसानों के उत्पादों को सीधे सहकार सुपर मार्केट और श्री अन्न (मिलेट्स) स्टोर के जरिए बेचकर उन्हें बेहतर मुनाफा और पारंपरिक पौष्टिक आहार को बढ़ावा दे रही है।

कुशल नेतृत्व और सम्मान
समिति की इस सफलता के पीछे समिति अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह और व्यवस्थापक अंशुल चौधरी की दूरदर्शी सोच और कुशल प्रबंधन है। इनकी मेहनत का ही परिणाम है कि 20 जून 2023 को मुंबई में आयोजित नेशनल इवेंट में रामगढ़ पैक्स को राजस्थान का पहला नैफेड बाजार बनने का गौरव प्राप्त हुआ। यह अवार्ड उन्हें माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदान किया गया।
ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा सहकार सुपर मार्केट
सहकार सुपर मार्केट 5 अप्रैल 2023 को शुरू किया गया, यह सुपर मार्केट ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहाँ एक ही छत के नीचे घर की सभी आवश्यक वस्तुएं बाज़ार से कम दरों पर उपलब्ध हैं। यह नैफेड की फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित है। प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के जरिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है। मृदा परीक्षण केंद्र के माध्यम से किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच कर उन्हें उर्वरकों की सही मात्रा और फसल चयन के बारे में परामर्श दिया जाता है, जिससे खेती की लागत कम हुई है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
भविष्य के लक्ष्य और डिजिटल बदलाव

सहकारिता मंत्रालय की योजना से रामगढ़ पैक्स पूर्णतः डिजिटल हो चुका है। अब सभी 723 सदस्यों का डेटा ऑनलाइन होने से कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आई है। आगामी समय में हम किसानों की आय बढ़ाने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर, आटा चक्की, बीज ग्रेडिंग मील और मशरूम प्लांट जैसे नए नवाचारों पर तेज़ी से कार्य कर रहे हैं।
– अंशुुल चौधरी, व्यवस्थापक, रामगढ़ पैक्स



