सार
Rajasthan : अब अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (UCBs) केवल सामान्य बीमा व्यवसाय तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे एक ‘कॉरपोरेट एजेंट’ के रूप में बीमा पॉलिसियों की Soliciting, Procuring और Servicing भी दे सकेंगे।

विस्तार
राजस्थान | डिजिटल डेस्क | 18 फरवरी | भारत सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन के तहत अब राजस्थान के अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (UCBs) बीमा क्षेत्र में अपना दायरा बढ़ा सकेंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) ने इस संबंध में बैंकों के उप-नियमों (Bye-laws) में संशोधन के निर्देश जारी किए हैं। जिसमें सहकारिता मंत्रालय के पत्र और IRDAI के नियमों के क्रम में अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों के उप-नियम उप-नियम 5(xxvi) में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। जिससे अब अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक(UCBs) केवल सामान्य बीमा व्यवसाय तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे एक ‘कॉरपोरेट एजेंट’ के रूप में बीमा पॉलिसियों की मार्केटिंग (Soliciting), खरीद (Procuring) और ग्राहकों को सेवाएं (Servicing) भी दे सकेंगे। यह प्रक्रिया भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के 2015 के नियमों और अन्य रेगुलेटरी गाइडलाइंस के तहत संचालित होगी। इस कदम से बैंकों के व्यवसाय में वृद्धि होगी और ग्राहकों को एक ही छत के नीचे बैंकिंग के साथ-साथ बेहतर बीमा सुविधाएं मिल सकेंगी।
UCBs में संशोधन लागू कर भेजें रिपोर्ट
सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) ने प्रदेश के समस्त उप/सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां को निर्देशित किया है कि वे राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 11 के तहत अपने कार्यक्षेत्र के अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों में इन संशोधनों को लागू करवाएं और की गई कार्यवाही की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें।


