Home सिरोही सिरोही सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में पदोन्नति को लेकर गंभीर आरोप, जांच की मांग

सिरोही सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में पदोन्नति को लेकर गंभीर आरोप, जांच की मांग

सार

Sriohi : सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (SCCB) प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी कर पदोन्नति प्रक्रिया (DPC) में  कम योग्य चहेतों को प्रमोट करने और योग्य कर्मचारियों के हक मारने के आरोप, मामले की निष्पक्ष जांच हेतु मुख्यमंत्री और ACB से की गई है शिकायत

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विस्तार 

सिरोही । 13 फरवरी | डिजिटल डेस्क | दी सिरोही सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (SCCB) में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। दरअसल, सिरोही जिले में सहकारी साख आंदोलन से जुड़े सूत्रों ने मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को पत्र लिखकर बैंक प्रबंधन पर नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को फायदा पहुंचाने के संगीन आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, बैंक में लंबे समय से योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति रोकी गई, जबकि नियमों के विरुद्ध जाकर कम योग्यता वाले व्यक्तियों को ऊंचे पदों पर बैठाया गया। उनका आरोप है कि सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) और शासन सचिवों के बार-बार आदेशों के बावजूद जानबूझकर समय पर DPC नहीं की गई। हालांकि वर्ष 2025-26 की DPC में एक ऐसे कर्मचारी को ’कैशियर’ पद पर पदोन्नत किया गया, जो मात्र 10वीं पास है, जबकि सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) द्वारा इस पदोन्नति के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार, कर्मचारी का 12वीं पास होना अनिवार्य है। अब आरोप है कि वरिष्ठ और योग्य कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा गया, जिससे वे सहायक कर्मचारी के पद से ही सेवानिवृत्त हो गए।

उच्चाधिकारियों के आदेशों की सरेआम अवहेलना

शिकायत कर्ताओं के मुताबिक, उच्च अधिकारियों ने बार-बार बैंक को नियमित डीपीसी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन बैंक प्रबंधन ने उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया । सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) ने 12 जून 2017 को नियमित डीपीसी का आदेश दिया। यहां तक कि बैंक प्रबंधन द्वारा वर्ष 2020-21 में शासन उपसचिव और प्रमुख शासन सचिव के परिपत्रों की अनदेखी की गई। इसी ही तरह सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) कार्यालय के संयुक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) के 21 जून 2022 के निर्देशों को भी बैंक प्रबंधन ने दरकिनार किया। इतना हीं नहीं अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) के 4 अगस्त 2023 के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

CBI और ACB से जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे CBI या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को सौंपने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यदि बैंक के रिकॉर्ड और DPC प्रक्रिया की गहराई से जांच की जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इस शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री राजस्थान, मुख्य सचिव, और जिला कलेक्टर सिरोही एवं सीसीबी प्रशासक को भी भेजी गई हैं,।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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