सार
Rajasthan : अब राज्य के केंद्रीय सहकारी बैंक (CCBs) बैंकिंग के साथ बीमा व्यवसाय भी कर सकेंगे। ‘सहकार से समृद्धि’ विजन के तहत बैंकों के उप-नियमों में संशोधन किया गया है। अब ये बैंक कॉर्पोरेट एजेंट के रूप में पंजीकरण कराकर सदस्यों को बीमा सुरक्षा और सेवाएं प्रदान करेंगे

विस्तार
जयपुर। डिजिटल डेस्क | 12 फरवरी | राजस्थान के सहकारी बैंकों (CCBs) की कार्यप्रणाली और उनके व्यापार विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के केंद्रीय सहकारी बैंक केवल बैंकिंग सेवाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे ’कॉर्पोरेट एजेंट’ के रूप में बीमा व्यवसाय भी कर सकेंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) ने राज्य के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों के उप-नियमों में संशोधन के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही समस्त अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां खंड को निर्देशित किया है कि वे राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 11 के अंतर्गत बैंकों के उप-नियमों में यह संशोधन जल्द से जल्द सुनिश्चित करें। अब नए संशोधन (उप-नियम संख्या 4(16)) के तहत, बैंक अब भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण के 2015 के नियमों के अनुसार पंजीकरण कराकर बीमा सेवाएं प्रदान कर सकेंगे । यह निर्णय भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा सुझाए गए ’Cooperation among cooperative’ विजन के अंतर्गत लिया गया है। इसका उद्देश्य सहकारी बैंकों की आय बढ़ाना और सदस्यों को एक ही छत के नीचे बैंकिंग के साथ-साथ बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना है।


