सार
Rajasthan : ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) के कर्मचारी अब टकटकी लगाए 11 फरवरी के बजट की ओर देख रहे हैं, जिससे उनके भविष्य और कैडर अथॉरिटी के गठन की तस्वीर साफ होगी..!

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 4 फरवरी | राजस्थान की ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (RCEJSC) ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि 11 फरवरी तक उनकी मांगों का ठोस निस्तारण नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में पैक्स से संबंधित वित्तीय सेवाओं को ठप के साथ-साथ फसली ऋण योजना को बंद किया जाएगा । संघर्ष समिति के अनुसार, अपनी चार मुख्य मांगों को लेकर पूर्व में किए गए कार्य बहिष्कार के बाद विभाग द्वारा गठित कमेटी के साथ तीन दौर की सकारात्मक वार्ता हुई थी। इसमें चारों बिंदुओं पर सहमति भी बनी थी, लेकिन समिति का आरोप है कि अब तक विभाग की ओर से कोई भी ठोस धरातलीय कार्रवाई नहीं की गई है और मामला केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित है। एक ओर जहाँ विभाग द्वारा ’कैडर अथॉरिटी’ के गठन के लिए कमेटी बनाई गई है । वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को 11 फरवरी को आने वाले बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। सूत्रों के अनुसार, बजट में कर्मचारियों के लिए नए वेतनमान की घोषणा हो सकती है। हालांकि, संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि बजट और अनुदान मांगों के पारित होने तक इस दिशा में कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया, तो वे कठोर निर्णय लेने को विवश होंगे।
रणनीति : वित्तीय सेवाओं को ठप करने की चेतावनी
संघर्ष समिति ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा (11 फरवरी) तक समाधान नहीं हुआ । तो केंद्रीय सहकारी बैंकों में मिनी सहकारी बैंकों के माध्यम से जमा समस्त सावधि जमा (FD) और आवर्ती जमा (RD) की पूर्ण निकासी की जाएगी। साथ ही समितियों के हित की रक्षार्थ बैंकों में जमा शेयर कैपिटल/हिस्सा राशि को वापस निकाला जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार के हिस्से को लौटाया जाएगा और अल्पकालीन फसली ऋण वितरण प्रणाली को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं केंद्र सरकार की पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना को भी मांगें पूरी न होने तक बंद रखा जाएगा।
सहकारिता मंत्री और सहकारिता विभाग शासन सचिव को भेजा पत्र
संघर्ष समिति के संयोजक हनुमान सिंह राजावत, मदन मेनारिया और कुलदीप जंगम ने सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक और सहकारिता विभाग शासन सचिव को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि बजट के बाद किसी बड़े आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने से पहले, पैक्स कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय रहते मांगों का निस्तारण किया जाए। इस पत्र की प्रतियां सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) और राजस्थान राज्य सहकारी बैंक प्रबंध निदेशक को भी भेजी गई हैं।


