केंद्रीय सहकारी बैंकों की बदहाली पर सहकार नेता आमेरा ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन; 4 फरवरी से आंदोलन का शंखनाद

सार 

Jaipur : ऑल राजस्थान को-आपरेटिव बैंक एम्प्लाईज यूनियन व ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव सूरज भान सिंह आमेरा ने आज मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मुलाकात कर केंद्रीय सहकारी बैंकों की जर्जर होती वित्तीय स्थिति पर चिंता जताई और एक ज्ञापन सौंपा

विस्तार

जयपुर, 2 फरवरी। डिजिटल डेस्क | राजस्थान के केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCbs) की बिगड़ती वित्तीय स्थिति और सरकार के पास बकाया करोड़ों रुपयों के भुगतान की मांग को लेकर सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने आज मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार द्वारा देय 1401.56 करोड़ रुपये के बकाया दावों (Claims) के भुगतान के लिए ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेश भर के सहकारी बैंकों के कर्मी सड़कों पर उतरेंगे। साथ ही सहकार नेता ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि राज्य सरकार पर सहकारी बैंकों के ऋण माफी ब्याज के 765.56 करोड़ और ब्याज अनुदान के 635.98 करोड़ रुपये बकाया हैं। कुल 1401.56 करोड़ रुपये का भुगतान न होने से प्रदेश के 11 केंद्रीय सहकारी बैंक (CCBs) घाटे में आ चुके हैं। सीआरएआर (CRAR) गिरने के कारण नाबार्ड ने फसली ऋण के पुनर्वित्त पर रोक लगा दी है, जिससे किसानों को ऋण मिलना मुश्किल हो गया है।

सरकार स्तर पर बकाया राशि

  • ऋण माफी ब्याज बकाया: 765.56 करोड़ रुपये
  • ब्याज अनुदान बकाया: 635.98 करोड़ रुपये
  • कुल बकाया राशि: 1,401.56 करोड़ रुपये

बकाया भुगतान न होने के गंभीर परिणाम

ज्ञापन में बताया गया कि बकाया राशि न मिलने से बैंकों की आर्थिक सेहत खराब हो रही है: प्रदेश के 11 केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) पहले ही घाटे में आ चुके हैं। वही CRAR गिरने के कारण नाबार्ड ने फसली ऋण पुनर्वित्त (Refinance) पर रोक लगा दी है। इस वित्तीय संकट के चलते किसानों को समुचित ऋण नहीं मिल पा रहा है, जिससे पैक्स (PACS) से अपैक्स तक की सहकारी साख व्यवस्था बाधित होने लगी है । इसके अलावा आंशका जताई गई कि यदि जल्द ही इस राशि का आवंटन नहीं किया गया, तो वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी 29 सीसीबी घाटे में चले जाएंगे।

आंदोलन की घोषणा: 4 और 9 फरवरी को प्रदर्शन

सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऑल राजस्थान कोआपरेटिव बैंक एम्प्लाईज यूनियन और संबंधित संगठनों ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है: इसमें 4 फरवरी को प्रदेश के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) पर बैंक कर्मियों का विशाल धरना प्रदर्शन होगा । साथ ही 9 फरवरी को सहकार भवन, जयपुर पर राज्य स्तरीय प्रांतीय धरना प्रदर्शन कर बजट से पूर्व सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा ।

“अगर सरकार ने बजट पूर्व इन बकाया राशियों को जारी नहीं किया, तो प्रदेश की सहकारी साख व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जाएगी। कर्मचारियों में भारी असंतोष है, सहकारी बैंक कर्मी पैक्स से अपैक्स तक सहकारी साख व्यवस्था को बचाने के लिए आंदोलन को मजबूर हैं।” — सूरज भान सिंह आमेरा, सहकार नेता

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