160 ग्राम सेवा सहकारी समितियां की एफआईजी आईडी हुई डिसेबल

सार 

Jodhpur : जिले की अधिकांश ग्राम सेवा सहकारी समितियां में मानव संसाधन नहीं है । इस जिले में 50 से 60 किलोमीटर दूर-दूर वाली ग्राम सेवा सहकारी समितियां का चार्ज एक ही व्यक्ति को दिया हुआ है । ऐसे में पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना का कार्य तय समय में संभव ही नहीं है ।

File Photo

विस्तार 

जोधपुर । डिजिटल डेस्क | 21 दिसम्बर | जिले में पैक्स कंप्यूटराइजेशन को पूर्ण कर पैक्स की अनेक योजनाओं से किसानों को लाभान्वित करने से पहले ही राज्य सरकार की ऋण योजना से दूर किया जा रहा है । ऐसा कदम सहकारिता विभाग के निर्देश पर सीसीबी द्वारा उठाया गया है । दरअसल, फलौदी एवं जोधपुर जिले की 160 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) की फाइनेंशियल इंक्लूजन गेटवे (FIG) आईडी को डिसेबल करने की अनुशंसा जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) प्रबंध निदेशक द्वारा की गई है । जिससे अब इन समितियों के किसानों को ब्याज मुक्त योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा । जहां, ग्राम सेवा सहकारी समितियों के स्तर पर सिंचित क्षेत्र में रबी ऋण वितरण एवं खरीफ ऋण की वसूली का दौर चल रहा है, तो इस निर्णय के बाद पैक्स कंप्यूटराइजेशन का कार्य पूर्ण नहीं होने तक पैक्स ऋण वितरण एवं वसूली प्रक्रिया से वंचित हो जाएगी ।

एक ओर केंद्र सरकार ने पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना लाकर ग्राम सेवा सहकारी समितियों को डिजिटल बनाने की दूरदर्शी विजन पेशन कर, अनेक योजनाएं पैक्स के जरिए चलाने की कवायद भी प्रारम्भ की थी । लेकिन इस जिले में व्यवस्थापकों की कमी से जूझती ग्राम सेवा सहकारी समितियों में पैक्स कंप्यूटराइजेशन के कुछ चरण पूरे नहीं होने के कारण अल्पकालीन फसली ऋण वितरण एवं वसूली प्रक्रिया को बंद कर दिया है । जिससे लग रहा हैं कि डिजिटल बनने की इस होड़ ने किसानों को सरकार की योजना से दूर करने का कार्य शुरू कर दिया है ।

करीब 160 पैक्स की आईडी डिसेबल करवाने की अनुशंसा

जोधपुर एवं फलौदी जिले की 160 से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियां की एफआईजी आईडी डिसेबल करवाने की अनुशंसा जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक प्रबंध निदेशक अनिल विश्नोई ने राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) प्रबंध निदेशक से की है । इसमें सीसीबी की आउ शाखा की 14, बालेसर शाखा की 13, बाप शाखा की 22, भोपालगढ़ शाखा की 9, बिलाड़ा शाखा की 12, दूच शाखा की 6, लोहावट शाखा की 6, लूनी शाखा की 7, ओसियां शाखा की 13, पावटा शाखा की 14 तथा फलौदी शाखा की 9, पीपाड़ सिटी शाखा की 12, शेरगढ़ शाखा की 9, सोजती गेट शाखा की 11, तिंवरी शाखा की 2 एवं बावड़ी शाखा की 1 पैक्स शामिल है ।

प्रमुख शासन सचिव का निर्णय किसानों पर भारी

दो सप्ताह पूर्व सहकारिता विभाग प्रमुख शासन सचिव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था । जिसमें प्रमुख शासन सचिव ने पैक्स कंप्यूटराईजेशन परियोजना अंतर्गत अपेक्षित सहयोग नहीं करवाने वाली पैक्स को बैंक के अन्य व्यवसाय से वंचित करने के लिए निर्देशित किया । इसके क्रम में 4 दिन पूर्व राजस्थान राज्य सहकारी बैंक प्रबंध निदेशक संजय पाठक ने आदेश जारी कर पैक्स की एफआईजी आईडी डिसेबल करवाने के लिए सीसीबी प्रबंध निदेशकों से अनुशंसा मांगी । अब यह निर्णय किसानों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है । क्योंकि एक्सपर्टो के अनुसार पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना को समयावधि में पूर्ण नहीं होने का सबसे बड़ा कारण अधिकतर पैक्स में मानव संसाधन की कमी है।

error: Content is protected !!