सार
Sirohi : पैक्स-लैम्पस कर्मचारियों की प्रदेश स्तर पर लंबित मांगों को लेकर आने वाले समय में प्रदेशभर में होने वाली हड़ताल को लेकर सिरोही जिले के ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों की जिला स्तरीय बैठक का हुआ आयोजन

विस्तार
सिरोही । डिजिटल डेस्क | 13 सितम्बर | जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन पिंडवाड़ा-आबू विधानसभा क्षेत्र से विधायक समाराम गरासिया और बी.के. कोमल के मुख्य आतिथ्य एवं राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ (RSKS) के जिला अध्यक्ष जसवंतसिंह राणावत की अध्यक्षता में मनमोहिनी हॉल ब्रह्माकुमारी के आश्रम तलहटी में किया गया। जिसमें प्रदेश स्तर पर पैक्स कर्मचारियों की ‘राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति’ की अगुवाई में होने वाली हड़ताल से संबंधित मुद्दो पर विस्तार से चर्चा की गई ।
साथ ही, बैठक में विधायक समाराम गरासिया को 3 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत कर सरकार के सक्षम उनकी मांग उठाने का आग्रह किया गया । जिसमें केंद्रीय सहकारी बैंक में ऋण पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों को ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत व्यवस्थापकों की पदोन्नति कर शत-प्रतिशत भरे जाने और सहकारिता विभाग पंजीयक द्वारा स्क्रीनिंग के लिए पूर्व में जारी परिपत्रों में संशोधन कर लाभ-हानि की शर्त को विलोपित करते हुए पुनः स्क्रीनिंग करने के अलावा पैक्स-लैम्पस कर्मचारियों के सेवानियम 2022 में संशोधन करने की मांग विधायक के समक्ष रखी गई हैं ।
इस दौरान राजस्थान सहकारी कर्मचारी विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष मदन मैनारिया, जिला सरंक्षक नरपतसिंह चारण, सेवानिवृत्त ऋण पर्यवेक्षक बालकृष्ण वैष्णव एवं जालोर से बगदाराम और ईश्वरसिंह देवड़ा, महावीरसिंह देवड़ा, अन्नराज, कालूराम डांगी, सुरेन्द्रसिंह देवड़ा, केसरसिंह देवड़ा, रमेश कुमार, रमजान खान, मुकेश पटेल, सूरज बंजारा, यूनियन उपाध्यक्ष वीराराम कुमावत सहित जिले के समस्त पैक्स-लैम्प्स कर्मचारी मौजूद रहें ।

सेवानियम 2022 में दो शर्तो में दी जाएं शिथिलता
सहकारिता विभाग पंजीयक द्वारा 29 जुलाई 2022 को लागू पैक्स कर्मचारियों के सेवानियम में संशोधन की मांग भी उठी हैं । जहां, सेवानियम के अनुसार बैकिंग सहायक चयन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के पास स्क्रीनिंग के पश्चात पांच साल का अनुभव होना चाहिए । इस अर्हता में संशोधन कर 5 वर्ष के अनुभव की शर्त हटाने के अलावा व्यवस्थापको की आयु सीमा में शिथिलता प्रदान कर 50 वर्ष तक की आयु वाले व्यवस्थापको को शामिल करने की मांग को लेकर यूनियन की ओर से मांग-पत्र विधायक समाराम गरासिया को सौंपा गया हैं ।


