Home जयपुर सहकारी बैकों की बोर्ड संरचना में हितधारकों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग

सहकारी बैकों की बोर्ड संरचना में हितधारकों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग

सार 

Rajasthan : केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) एवं शीर्ष सहकारी बैंक (Apex) की सम्बद्ध पैक्स-लैम्पस् एवं उनके संबंधित ऋणी कृषक तथा बैंक कार्मिक और बैंक अमानतधारक को बराबर अनुपात में बोर्ड संरचना में प्रतिनिधित्व देने की मांग

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विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 5 सितम्बर | प्रदेश के केंद्रीय सहकारी बैकों (CCB) एवं शीर्ष सहकारी बैंक (Apex) की मौजूदा बोर्ड संरचना को पुनर्संरचित करने की मांग उठी हैं । अखिल राजस्थान सहकारी बैंक्स अधिकारी एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामरूप मीणा एवं यूनियन संयुक्त महासचिव रामप्रकाश बिश्नोई ने सीसीबी और शीर्ष सहकारी बैंक में बोर्ड सदस्य संख्या में वृद्धि करने या मौजूदा सदस्य संख्या में बैंक कार्मिक एवं बैंक अमानतधारकों को प्रतिनिधित्व देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव सहकारिता एवं मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड एवं राजस्थान राज्य सहकारी बैंक प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा गया हैं ।

जिसके मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अनुज्ञा-पत्र (License) प्राप्त सीसीबी और शीर्ष सहकारी बैंक की कमजोर या सुदृढ़ स्थिती से पैक्स-लैम्पस् एवं उनके संबंधित ऋणी कृषक तथा बैंक कार्मिक एवं बैंक में जमाऐं रखने वाले अमानतधारक का हित प्रत्यक्षतः एवं अप्रत्यक्षतः प्रभावित होता हैं । जिसके चलते यूनियन ने आशंका व्यक्त कि यदि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से अनुज्ञा-पत्र (License) निलम्बित कर दिया जाता हैं, तो ऐसी स्थिती में इन सभी हितधारकों पर प्रभाव पड़ेगा ।

साथ ही, अनेक पहलुओं के जरिए अमानतधारकों एवं पैक्स-लैम्पस् को संचालक बोर्ड में प्रतिनिधित्व देने की महत्ती आवश्यकता जताई हैं । इसके अलावा यूनियन ने पैक्स-लैम्पस् एवं उनके संबंधित ऋणी कृषक तथा बैंक कार्मिक एवं बैंक में जमाऐं रखने वाले अमानतधारक को बराबर अनुपात में सीसीबी और शीर्ष सहकारी बैंक की बोर्ड संरचना में प्रतिनिधित्व देने के प्रावधान लागू करवाने की अपेक्षा की हैं ।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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