सार
Jaipur : सहकारिता विभाग पंजीयक ने जारी की स्वीकृति, प्रत्येक ग्राम सेवा सहकारी समिति को उनकी भण्डारण क्षमता सृजन के लिये 25.00 लाख रूपए की वित्तीय स्वीकृति

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 12 दिसम्बर | प्रदेश में बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के बिन्दु संख्या 129 के तहत 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियां एवं क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना के तहत 500 मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जाना हैं, जिसके क्रम में प्रदेश के 15 जिले की 58 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 500 एम.टी गोदाम निर्माण के लिए सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) ने प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी हैं, साथ ही प्रत्येक ग्राम सेवा सहकारी समिति को उनकी भण्डारण क्षमता सृजन के लिये 25.00 लाख रूपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई हैं । जिसके मुताबिक श्रीगंगानगर में पंद्रह, हनुमानगढ़ में ग्यारह, कोटा में आठ, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, अलवर, सवाई माधोपुर, बांरा में तीन-तीन, झालावाड़ एवं सीकर में दो-दो, जयपुर, जोधपुर, राजसमन्द, टोंक, पाली में एक-एक ग्राम सेवा सहकारी समिति में गोदाम निर्माण किया जाएगा । गौरतलब हैं कि यह स्वीकृति सहकारिता विभाग संयुक्त शासन सचिव द्वारा जारी 11 दिसंबर को जारी पत्र के क्रम में जारी की गई है।

नोडल अधिकारी सीसीबी प्रबंध निदेशक
इस योजना की क्रियावन्यन के लिए संबंधित प्रबंध निदेशक केंद्रीय सहकारी बैंक को नोडल अधिकारी बनाया गया हैं, इसके साथ ही निर्माण कार्य के पर्यवेक्षण एवं समन्वय के लिए एक पर्यवेक्षण कमेटी का गठन किया गया हैं, जिसमें खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार को अध्यक्ष, सीसीबी प्रबंध निदेशक को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड, जिले में पदस्थापित कृषि विपणन बोर्ड के प्रतिनिधि अभियन्ता, राजस्थान राज्य वेयर हाउस निगम के प्रतिनिधि, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां को सदस्य बनाकर कमेटी बनाई गई है।
ऋण पर्यवेक्षक की उपस्थिती अनिवार्य
सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय की ओर से जारी आदेशानुसार गोदाम एवं कार्यालय भवन निर्माण के लिए सामग्री क्रय करने सहित अन्य समस्त कार्यो के नियमानुसार सम्पादन के लिए एक कमेटी बनाई गई हैं, जिसमें समिति अध्यक्ष, क्षेत्रीय सहकारिता निरीक्षक, समिति व्यवस्थापक एवं सीसीबी ऋण पर्यवेक्षक को शामिल किया गया है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री क्रय करने से संबंधित बैठकों में ऋण पर्यवेक्षक का उपस्थित होना अनिवार्य हैं, वही सम्पूर्ण कार्यवाही नियमानुसार करने के लिए भी ऋण पर्यवेक्षक उत्तरदायी होगा ।


