सार
Jaipur : राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन (RMCSEU) की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन प्रांतीय अध्यक्ष हनुमानसिंह राजावत ने कर दिया हैं

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 6 दिसम्बर | राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन (RMCSEU) के प्रांतीय अध्यक्ष हनुमानसिंह राजावत ने प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी के गठन की घोषणा कर दी है। इसमें विभिन्न जिलों से प्रतिनिधित्व देने पर खास जोर दिया गया है। इस कार्यकारिणी में अनुभवी और युवा का संतुलन साधा गया है, जिसमें उपाध्यक्ष पद पर चुरु जिले से पवन कुमार पुनिया, उदयपुर से मदनलाल मैनारिया, झुझूनं जिले से रामसिंह डुमरा, महामंत्री पद पर अलवर से देवेन्द्र कुमार सैदावत, सचिव पद पर बांसवाड़ा से महिपालसिंह दवेला, कोषाध्यक्ष पद पर डीडवाना से बलदेवाराम गेट, प्रवक्ता पद पर डुंगरपुर से हेमंत कुमार व्यास, संगठन मंत्री के पद पर भीलवाड़ा से सत्यनारायण तिवाड़ी, उप सचिव के पद पर गंगानगर से गिरधारीलाल शर्मा, कार्यालय मंत्री के पद पर प्रतापगढ़ से लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया, वही एकमात्र सीकर संभाग में उपाध्यक्ष पद पर सीकर से दुर्गासिंह सुडां को मनोनित किया गया है। इसके अलावा नागौर से भंवराराम बाजिया, अनुपगढ़ से हेतराम भुकर, चित्तौड़गढ़ से देवेन्द्रसिंह शक्तावत, नीम का थाना से अमरसिंह जीतरवाल, दौसा से विजेन्द्र कुमार शर्मा, सलुम्बर से नरपतसिंह चुण्डावत, डुगरपुर से कारीलाल मीणा, बांरा से संदीप कुमार गोचर, दौसा से रमेश कुमार भारद्वाज एवं गंगानगर से जसवंत पचार को बतौर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोनित करने की घोषणा की गई है।
9 संभाग में उपाध्यक्ष की नियुक्ति जल्द
हनुमानसिंह राजावत ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के साथ एकमात्र सीकर संभाग में उपाध्यक्ष मनोनित किया गया हैं, हालांकि जयपुर संभाग, जोधपुर संभाग, बीकानेर संभाग, अजमेर संभाग, उदयपुर संभाग, भरतपुर संभाग, कोटा संभाग, सीकर संभाग, पाली संभाग एवं बांसवाड़ा संभाग में उपाध्यक्ष के मनोनयन की घोषणा शेष हैं । जिसके लिए नवघोषित प्रदेश कार्यकारिणी से जल्द ही सलाह लेकर विचार-विमर्श करने के पश्चात घोषणा की जाएगी । साथ ही उन्होने प्रदेश कार्यकारिणी के नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दी है।
यूनियन की अहमियत बढ़ाना आवश्यक

प्रदेश कार्यकारिणी गठन के पश्चात हनुमानसिंह राजावत ने कहा कि यूनियन बनाने से मात्र हमारा काम समाप्त नहीं हो जाता हैं, बल्कि इस यूनियन की विभाग एवं सरकार के लिए कितनी अहमियत या महत्व हैं । यह देखना भी जरुरी है। उन्होने कहा कि यूनियन की अहमियत बढ़ाने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी को प्रयासरत रहना चाहिए, ताकि पैक्स कर्मियों के नेतृत्व की जब भी सरकार स्तर पर बात आएं, तो केवल उनके चिंतन में हमारा यूनियन ही आना चाहिए |


