Home जयपुर गत 5 वर्षों में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 377.52 करोड़ रूपये की सहायता -आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री

गत 5 वर्षों में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 377.52 करोड़ रूपये की सहायता -आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री

जयपुर, 25 जुलाई। आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि गत 5 वर्षों में ओलावृष्टि से प्रभावित कुल 3 लाख 41 हजार 133 किसानों को 377.52 करोड़ रूपये की कृषि आदान-अनुदान सहायता वितरित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि गत पांच वर्षों में केन्द्र द्वारा एसडीआरएफ गाइडलाइन्स के तहत 10314 करोड़ 44 लाख रुपए का अनुदान राज्य सरकार को प्राप्त हुआ है। आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि मुआवजे के लिए आवेदन प्राप्त होने पर पीड़ित किसानों को 6 माह में सहायता राशि दी जाती है। छः माह के बाद गुणावगुण के आधार पर परिक्षण कर मुआवजा राशि का भुगतान किया जाता है।

इससे पहले विधायक श्री घनश्याम के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री ने प्रदेश में विगत 5 वर्षों में ओलावृष्टि से प्रभावित काश्‍तकारों तथा कृषि आदान-अनुदान सहायता के रूप मे वितरित राशि का जिलेवार व वर्षवार विवरण सदन के पटल पर रखा। आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग को ओलावृष्टि के लिए भारत सरकार से पृथक से राशि प्राप्‍त नहीं होती है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी एसडीआरएफ गाईडलाइन के अनुसार वित्‍त आयोग के द्वारा की गई सिफारिश अनुसार गत पॉच वर्षों में 10314.44 करोड़ रुपए राशि प्राप्‍त हुई।

श्री देवासी ने सदन को बताया कि फसल खराबा होने पर कृषि आदान अनुदान सहायता राशि का भुगतान भूमि की गुणवत्‍ता के आधार पर नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया कि अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से काश्‍तकारों द्वारा बोई गई फसलों में गिरदावरी रिपोर्ट में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराबा होने पर भारत सरकार द्वारा जारी एसडीआरएफ नोर्म्‍स के प्रावधान अनुसार प्रभावित कृषकों को कृषि आदान-अनुदान का भुगतान किया जाता है। उन्होंने एसडीआरएफ नोर्म्‍स का विवरण सदन के पटल पर रखा।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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