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सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र की सहकारी समितियों में नियुक्त कार्मिकों के मामले में उठी जांच की मांग

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पाली । डिजिटल डेस्क | 9 मई | राज्य में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) में 2017 से पूर्व नियुक्त कार्मिकों का जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के माध्यम से नियमितीकरण, के मामले में जब बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया तो, सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने अपात्र एवं नियम विरुद्ध भर्ती हुए कार्मिकों की जांच करने के लिए राज्य स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया, जिसके पश्चात पाली जिले की सुमेरपुर विधानसभा (Sumerpur Assembly) क्षेत्र की केन्द्रीय सहकारी बैंक पाली (CCB PALI) के अधीन संचालित 43 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) में पिछले समय में नियुक्त व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक की नियुक्ति के साथ-साथ जिन समितियों में स्क्रीनिंग के माध्यम से नियमित हुए अपात्र कार्मिकों की जांच राज्य स्तरीय कमेटी से करवाने के लिए सहकारी साख आंदोलन से जुड़े सुत्रो की ओर से कमेटी को गोपनीय पत्र भेजा गया है। जिसके मुताबिक, पिछले सालो में सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र की 43 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्मिक नियुक्ति के मामले में नियमावली में नियमों को घात बताकर अयोग्यताधारी व्यक्तियों को सहकारी समितियों में नियुक्त कर दिया है। साथ ही, सुत्रो ने पत्र के जरिए तर्क रखा कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापकों की सीधी भर्ती के संबंध में सहकारिता विभाग ने 16 अगस्त 2017 के पश्चात राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 में नई धारा 29 (ख) के अनुसार राज्य की सहकारी सोसायटी के कर्मचारियों के चयन और भर्ती की शक्ति सहकारी भर्ती बोर्ड के पास निहित होने के बावजुद सहकारी समितियों में कार्मिकों की नियुक्ति की कर दी गई हैं ।

 यह थी नियुक्ति की प्रक्रिया

पैक्‍स/लैम्‍पस के व्‍यवस्‍थापकों की चयन नियुक्ति एवं सेवा शर्ते 2008 के अनुसार नियुक्ति प्रावधानों की पालना का दायित्‍व सेवा शर्तो 2008 मे वर्णित चार सदस्‍य जिला स्‍तरीय चयन समिति का था, जिसमें संबंधित बैंक के अध्‍यक्ष/प्रशासक, युनिट के सहायक/उप रजिस्‍ट्रार, संबंधित पैक्‍स/लैम्‍पस के अध्‍यक्ष/प्रशासक सहित संबंधित बैंक के प्रबन्‍ध निदेशक शामिल होते थे, उक्‍त चयन समिति द्वारा समय-समय पर पैक्‍स/लैम्‍पस के व्‍यवस्‍थापक/सहायक व्‍यवस्‍थापकों की नियुक्ति की अनुशंषा की जाती थी । और विभाग निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार 21 से 33 वर्ष आयु और बीए तक शिक्षित अभ्यर्थी को समिति निर्धारित मापदण्डो के तहत नियुक्ति दे सकती थी । परन्तु 2017 के बाद से यह अधिकार सहकारी भर्ती बोर्ड के पास हैं ।

कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह 

सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र की कई ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापक पद पर नियुक्ति के मामले में वित्तदाता बैंक की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। सहकारी साख आंदोलन से जुड़े सुत्रो ने सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र की कई सहकारी समितियों में व्यवस्थापक पद पर कार्यरत कर्मियों की नियुक्ति के मामले में सवाल उठाते हुए आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, सेवा हस्तांतरण संबंधित नियमों की अवहेलना का पत्र में उल्लेख करते हुए नियम विरुद्ध की गई नियुक्ति की अविलंब जांच करवाकर नियमों के विरुद्ध लगे हुए कार्मिकों को सहकारी समितियों से हटाने की मांग की है।

समितियां सेवानिवृत्त के हवाले

सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र की गिनी-चुनी ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापकों पद से सेवानिवृत्त हुए व्यक्ति भी सहकारी समितियों का कार्य करते हुए नजर आ रहें है। जबकि सेवानिवृत्ती के पश्चात व्यवस्थापक को पुनः नियुक्ति नहीं करने के रजिस्ट्रार कार्यालय के आदेश सीसीबी में बाबुओं की टेबल तक सीमित होकर रह गए है ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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