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खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा खरीफ 2023 के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार जालोर जिले में बाजरा, ज्वार, तिल, कपास, मूंगफली, ग्वार एवं मूंग फसल को अधिसूचित किया गया है।

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जालोर । डिजिटल डेस्क I 23 जुलाई I प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2023 के लिए कृषक अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2023 तक अपनी फसलों का बीमा करवा सकेंगे। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.आर.बी.सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा खरीफ 2023 के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार जालोर जिले के लिए बाजरा, ज्वार, तिल, कपास, मूंगफली, ग्वार एवं मूंग फसल को अधिसूचित किया गया है। जिले में फसल बीमा क्रियान्वयन के लिए रिलायन्स जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है जिसके टोल फ्री नम्बर 18001024088 है। योजनान्तर्गत फसली ऋण लेने वाले ऋणी कृषक, गैर ऋणी कृषक एवं बंटाईदार कृषकों द्वारा फसलों का बीमा करवाया जा सकेगा। कृषक द्वारा मात्र एक बैंक या संस्था के माध्यम से ही फसल का बीमा करवाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि गैर ऋणी एवं बंटाईदार कृषक स्वैच्छिक आधार पर अपनी फसलों का बीमा नामांकन की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2023 तक निकट के सहकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अथवा वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं एवं सी.एस.सी. के माध्यम से अथवा अधिकृत बीमा कम्पनी रिलायन्स जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड के प्रतिनिधि अथवा फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया अनुसार बीमा करवा सकेंगे। इसके लिए कृषक को स्वयं प्रमाणित प्रस्तावित क्षेत्रफल में बोई गई या बोई जाने वाली फसलों के खसरा नम्बरों के नवीनतम जमाबन्दी की नकल, एक घोषणा पत्र, आधार कार्ड की प्रति, स्वयं के बैंक खाते की पास बुक कॉपी के साथ प्रस्ताव पत्र प्रस्तुत करना होगा।

एप से भी करा सकते हैं अपनी फसलों का बीमा

अधिसूचना के अनुसार समस्त अधिसूचित फसलों के लिए जोखिम स्तर 80 प्रतिशत निर्धारित किया गया है तथा फसलों की बीमित राशि 2 प्रतिशत प्रीमियम के रूप में कृषक द्वारा वहन की जायेगी। कृषक अपने मोबाइल द्वारा ‘फसल बीमा एप’ को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर स्वयं भी अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा बीमा की जानकारी भी इस एप से प्राप्त की जा सकती है।

मूंगफली का प्रति हैक्टर 121476 और बाजरा का 14928 रुपए मिलेगा क्लेम

अधिसूचना के तहत फसलों की प्रति हैक्टर ज्वार हेतु 10911 रुपए, तिल का 22433 रूपए, बाजरा का 14928 रुपए, कपास का 36418 रुपए, मूंगफली का 121476 रुपए, ग्वार का 18245 रुपए तथा मूंग का 26524 रुपए तक का अधिकत्तम फसल खराबा नुकसान भरपाई दी जाएगी । अरंडी, हरी मिर्च, टमाटर एवं अनार के लिए किसान हिस्सा राशि 5 प्रतिशत व अन्य फसलों हेतु 2 प्रतिशत हिस्सा राशि किसान से ली जाएगी । अन्य राशि राज्य व केन्द्र सरकार बराबर अनुपात में वहन करेंगे ।

बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई, नहीं कराने वालो को देना होगा घोषणा-पत्र

31 जुलाई 2023 बीमा की अंतिम तिथि है। ऋणी कृषक, गैर ऋणी कृषक व बटाई दार कृषक बीमा में शामिल हो सकते है। बीमा कराया जाना स्वैच्छिक है। ऋणी कृषकों से बीमा प्रीमियम की कटौती उनके बैंक खातों से की जाएगी । जो कृषक बीमा से पृथक रहना चाहते हैं नामांकन की अंतिम तारीख से 7 दिन पूर्व अर्थात खरीफ के लिए 24 जुलाई तक निर्धारित प्रारुप में घोषणा-पत्र भर कर योजना से बाहर रह सकते हैं अन्यथा उनका बीमा हो जाएगा ।

सुखा, बाड़, जलभराव, कीट, प्राकृतिक आग, बिजली गिरने, तुफान, ओलावृष्टि पर मुआवजा

बीमित कृषकों को कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से बुवाई नहीं होने की स्थिति (बाधित/निष्फल बुवाई), खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) में सुखा, लम्बी सुखा अवधि, बाढ़, जल प्लावन, कीट एवं व्याधि, भू-स्खलन, प्राकृतिक आग एवं बिजली का गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी, समुद्री तूफान, भंवर एवं बवंडर से होने वाले उपज में नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमा राज्य सरकार द्वारा संपादित फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज आंकड़ों के आधार पर, फसल कटाई उपरांत सूखने के लिए खेत में काटकर फैलाकर छोड़ी गई फसल को चक्रवात, चक्रवती वर्षा, असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए कटाई उपरांत अधिकतम 2 सप्ताह (14 दिन) की अवधि के लिए, अधिसूचित क्षेत्र के आंशिक कृषि भूमि क्षेत्र में ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटना, प्राकृतिक आग एवं जल प्लावन से व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान आदि पर बीमा क्लेम मिलेगा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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