बोनस की आस के बीच वित्तीय संकट के दौर से गुज़र रहीं सहकारी संस्थाएँ, अस्तित्व बचाने का गहराया संकट
सारांश दीपावली से पूर्व बोनस (Bonus) की पुरज़ोर माँग के बीच कागज़ी दावों की धज्जियाँ उड़ रही हैं। सरकारी रेवड़ी कल्चर, भारी-भरकम खर्चों और शोषक नीतियों ने राजस्थान की सहकारी संस्थाओं को कंगाली और संचित हानि (Accumulated Loss) के मुहाने पर लाकर पटक दिया है। विस्तार जयपुर |ग्राउंड रिपोर्ट 14अक्टूबर |दीपावली के त्योहार से ठीक…
