सरकारी तिजोरी खाली या नीयत में खोट? क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के करोड़ों के बिलों पर अटका पसीना!
वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 तक के करोड़ों रुपए खाद्य विभाग में अटके हैं। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए सारा ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ रही है। सरकार समितियों के मुनाफे का ढिंढोरा पीटकर करोड़ों के बिल रोक रही है। पुरानी परंपरा छोड़ उन्हें ‘खुली निविदा’ के जरिए बाजार की अंधी दौड़ में धकेला…
