
जालोर 7 फरवरी। हर घर नल से जल उपलब्ध कराने की महत्ती योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत जालोर जिले में प्रत्येक ग्राम पंचायत से चयनित 5 महिलाओं को मौके पर पानी जांचने की किट का प्रशिक्षण सोमवार से प्रारंभ हुआ ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जालोर खंड के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिशासी अभियंता एस.बी. बैरवा ने कहा कि पीने का पानी हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है और अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुद्ध पेयजल जरूरी है । पेयजल की अशुद्धता के चलते 70 प्रतिशत से अधिक बीमारियाँ हमारे शरीर को घेर लेती है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन में हर घर नल से जल उपलब्ध कराना एक बड़ा कार्य है जिसके लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पानी की गुणवत्ता को भी ध्यान में रखते हुए इस मिशन में काम किया जा रहा है। अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की महिला सदस्य मौके पर उपलब्ध किट से 9 प्रकार की केमिकल जांच कर सकेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत से 5 महिलाओं को जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इनमें एएनएम आशा सहयोगिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्थानीय विद्यालय की अध्यापिका एवं महिला वार्ड पंच को सम्मिलित किया गया है। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की अध्यक्ष व जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि के निर्देशानुसार जालोर पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों का प्रशिक्षण 7 से 9 फरवरी तक पंचायत समिति सभागार में आयोजित किया जा रहा हैं। वही 10 से 12 फरवरी एवं 17 फरवरी को आहोर पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों का प्रशिक्षण, 18 व 19 फरवरी को जसवंतपुरा, 21 व 22 फरवरी को भीनमाल, 23 से 25 फरवरी तक रानीवाड़ा, 2 से 4 मार्च तक सांचौर, 7 से 9 मार्च तक चितलवाना, 10 व 11 मार्च तक सरनाऊ, 15 व 17 मार्च को बागोड़ा, 21 से 23 मार्च तक व 25 मार्च को सायला पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों का प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा।
सोमवार को प्रशिक्षण देते हुए जिला रसायन डॉ रामचंद्र ने पीने के पानी में फ्लोराइड, क्लोरीन, पीएच, हार्डनेश, अल्किलिटी आदि को मौके पर किट के माध्यम से जानने की विधि बताई साथ ही पानी में बैक्टीरियल जांच करने के लिए ऐच-टू-एच बैक्टीरिया जाँच कैसे कि जाए की जानकारी भी दी।
जल जीवन मिशन जिला आईईसी सलाहकार डॉ धर्मेंद्र दुबे ने जल जीवन मिशन में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की पेयजल गुणवत्ता में भूमिका तथा महिलाओं का योगदान विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मॉनिटरिंग एवम ईवेल्यूशन जिला सलाहकार दीपक कुमार ने वॉटर क्वालिटी के लिए जल जीवन मिशन के तैयार किए गए मोबाइल एप का प्रयोग किस प्रकार किया जाए के बारे में विस्तृत जानकारी दी ।
जिला प्रयोगशाला के मोतीलाल एवं डीपीएमयू के राहुल बोराडे ने सभी प्रशिक्षणार्थियों के मोबाइल में एप के माध्यम से जल जाँच उपरांत परीक्षण की रिपोर्ट को मोबाइल एप में डाटा फीड करने के तरीके को बताया । प्रशिक्षण में ग्राम पंचायतो से एएनएम अपने साथ उस गांव के जल के नमूनों को लेकर के आ रही हैं। इन नमूनों का प्रशिक्षण के दौरान ही जांच कर परिणाम ज्ञात किया जा रहा है। जल नमूनों के परीक्षण के प्राप्त परिणामों को ऑनलाइन डेटाबेस के रूप में अपलोड किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व को देखते हुए जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जालोर द्वारा संबंधित कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए निर्देशित किया गया है।


