Home राज्य भारत के लिए प्राकृतिक कृषि की शुरूआत आज एक ज़रूरत है – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

भारत के लिए प्राकृतिक कृषि की शुरूआत आज एक ज़रूरत है – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के कलोल में प्राकृतिक कृषि का लोगो, एफपीओ के माध्यम से कृषि उपज की बिक्री के लिए प्राकृतिक गुजरात मोबाइल एप्प और कृषि उपज की बिक्री के लिए ई-व्हीकल लॉन्च किया

PIB Delhi 15 JAN 2022 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के कलोल में प्राकृतिक कृषि का लोगो, एफपीओ के माध्यम से कृषि उपज की बिक्री के लिए प्राकृतिक गुजरात मोबाइल एप्प और कृषि उपज की बिक्री के लिए ई-व्हीकल लॉन्च किया। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन की शुरूआत श्री अमित शाह ने कहा कि भारत के लिए प्राकृतिक कृषि की शुरूआत आज एक ज़रूरत है और भारत की प्राकृतिक कृषि की ज़रूरत को पूरे विश्व को स्वीकारना ही पड़ेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को अभियान के रूप में अपनाना चाहिए ताकि किसान समृद्ध बने, समाज स्वस्थ हो तथा जमीन को भी खराब होने से बचा सके। प्राकृतिक खेती पर किसानों के साथ आयोजित संवाद में शाह ने यह बात कही। गांधीनगर राजभवन के सभागार से गुजरात के किसानों के साथ वर्चुअल संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री शाह ने कहां की प्राकृतिक खेती रासायनिक खाद बीज रहित होने के साथ पानी के कम उपयोग के साथ की जाती है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने इसके सफल प्रयोग किए हैं और आज उनका यह प्रयोग एक अभियान के रूप में अपना ही जाने की जरूरत है ताकि हम देश में दूसरी हरित क्रांति ला सकें। गुजरात के 50 फ़ीसदी किसान प्राकृतिक खेती को अपनाएं हम इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। इससे किसान प्रगतिशील होंगे समृद्ध बनेंगे साथ ही जमीन भी उपजाऊ बनेगी और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
गांधीनगर से लोकसभा सदस्य एवं केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किसानों को वर्चुअल संबोधन में कहा की गुजरात के प्रगतिशील किसानों ने फल-फूल अनाज तथा सब्जियों का प्राकृतिक खेती के जरिए उत्पादन कर अपना पैसा बचाने के साथ जमीन को भी स्वस्थ बनाया है। इससे हमारे समाज को भी रसायन मुक्त सब्जी, फल व अनाज प्राप्त होता है जिससे वह स्वस्थ बनता है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस अवसर पर समारोह में सभी उपस्थित डीडीओ, कलेक्टर्स और कृषि क्षेत्र से जुडे सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि वर्ष 2022 पूरा होने से पहले हर गांव में 15 किसानों को प्राकृतिक कृषि की ओर ले आने का लक्ष्य रखें और चारों तालुकाओं में हुई प्राकृतिक कृषि की उपज की बिक्री के लिए एफपीओ की रचना करके अहमदाबाद और गांधीनगर के ग्राहकों तक उत्पाद पहुंचाने की व्यवस्था करें।
केंद्रीय मंत्री शाह शनिवार को गांधीनगर राजभवन पहुंचे जहां राज्यपाल देवव्रत की प्राकृतिक खेती के प्रयोगों की उन्होंने किसानों के साथ चर्चा की। गुजरात में भी राज्यपाल देवव्रत लंबे समय से किसानों के साथ मिलकर प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता का काम कर रहे हैं। आचार्य देवव्रत राज्य के किसानों के साथ चर्चा के अलावा विविध शहर में गांव में सम्मेलन तथा कार्यशाला ओं का आयोजन कर किसानों को जीरो बजट खेती सिखा रहे हैं।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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