जालोर 19 अगस्त। कृषि विभाग के उप निदेशक ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं के निर्देशित किया हैं कि वे आगामी दो दिवस में पीओएस मशीन के विक्रय के अनुसार स्टॉक का मिलान (पीओएस अपडेट) कर लें अन्यथा जिले में उर्वरकों की बाधित आपूर्ति के लिए संबंधित विक्रेताओं के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ.आर.बी.सिंह ने बताया कि खरीफ आदान व्यवस्था की समीक्षा बैठक में यह प्रकरण सामने आया है कि उर्वरकों के पीओएस वास्तविक एवं उपलब्ध स्टॉक में काफी बड़ा अंतर है। इस अंतर के कारण जिले में डीएपी उर्वरक की वास्तविक उपलब्धता कम होने के बावजूद पीओएस स्टॉक अधिक प्रदर्शित हो रहे है। जिले को यूरिया, डीएपी का आवंटन पोस मशीन के विक्रय के आधार पर किया जाता है। जिले के लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा पीओएस पर वास्तविक विक्रय अपडेटेट नहीं है।
उन्होंने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया हैं कि वे आगामी दो दिवस में पीओएस मशीन के विक्रय के अनुसार स्टॉक का मिलान कर लें अन्यथा जिले में उर्वरकों की बाधित आपूर्ति के लिए संबंधित विक्रेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कानूनी एवं विधिक कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। साथ ही विक्रेता पीओएस अपडेट की सूचना (विक्रय व शेष स्टॉक) अविलम्ब कृषि विभाग को भिजवाना सुनिश्चित करें।


