Home राज्य आधा-अधूरा मिल रहा हैं फसली ऋण, बुवाई का संकट

आधा-अधूरा मिल रहा हैं फसली ऋण, बुवाई का संकट

  • किसानो नहीं मिल रहा पूरा ऋण

  • सेठ-साहूकारों के चंगुल में फंसने को मजबूर किसान

जालोर । 22 अक्टूबर । डिजिटल डेस्क । बिजली, उर्वरक-खाद की किल्लत व कोरोना और बरसात की बेरुखी के चलते अकाल से जूझ रहे जालोर जिले के इलाके में किसान अब खुद को संभालने के लिए खेतों की ओर रुख कर चुके हैं। लेकिन, ऋण की प्रक्रिया [ Loan Proces ] में उलझने से रबी की बुवाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक से फसली ऋण [ Crop Loan ] पूरा नहीं मिल रहा है। आधा अधूरा ही ऋण मिलने से किसान पशोपेश में है। इधर, आर्थिक संकट से घिर रहे किसान अब सेठ-साहूकारों से ऋण लेने को मजबूर हो रहे हैं।
दी जालोर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ऋण का वितरण करती है। जिले भर में ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 1 लाख 27 हजार किसानों का रजिस्ट्रेशन हो रखा है। बैंक ने अभी तक जिले में 2651 किसानों को 8 करोड़ 74 लाख रुपए का रबी फसली ऋण वितरीत कर दिया हैं। बैंक द्वारा रबी सीजन में 291 करोड़ रुपए फसली ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक किसानों को रबी फसली ऋण में 5 प्रतिशत बढोतरी के साथ ऋण वितरण किया जा रहा हैं ।

  • पूरा ऋण नहीं मिला

किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 70 हजार रुपए की है। लेकिन इस बार रबी फसल बुवाई के लिए 25 हजार रुपए का ही ऋण मिलना है। रुपए पूरा नहीं मिलने के कारण फसल बुवाई में परेशानी आ रही है।
– बाबुदास, किसान, परावा

  • नाममात्र बढोतरी के कारण समस्या

जिले में रबी की सीजन में 291 करोड़ का ऋण बांटने का लक्ष्य है। 5 प्रतिशत बढोतरी के कारण फसली ऋण वितरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। सोमवार को व्यवस्थापकों की यूनियन के जिला संगठन का एक प्रतिनिधी मण्डल बैंक प्रशासक व जिला कलेक्टर से मिल कर रबी ऋण वितरण में 25 प्रतिशत बढोतरी करवाने के क्रम में ज्ञापन दिया जाएगा ।
– हनुमानसिंह राजावत, जिला अध्यक्ष राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ, जिला-इकाई, जालोर

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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