
सिरोही, 18 अप्रेल। अक्षय तृतीया (आखातीज)/पीपल पूर्णिमा एवं अन्य अवसरों पर होने वाले बाल विवाह आयोजनों की प्रभावी रोकथाम के लिए संबंधित को दिशा-निर्देश जारी किए है। जिला कलक्टर डाॅ. भंवर लाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय तृतीया (आखातीज)/पीपल पूर्णिमा एवं अन्य अवसरों पर बाल विवाह किये जाने की संभावनाएं रहती है। इस वर्ष 3 मई को आखातीज है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह को अपराध है, जिनकी रोकथाम के लिए दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है। बाल विवाह के प्रभावी रोकथाम के लिए बाल अधिकारिता विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) संबंधी दिशा निर्देश जारी किये गये है। बाल विवाह के प्रभावी रोकथाम के लिए जिला, ब्लाॅक, पंचायत, ग्राम, शहरी स्तर पर पदस्थापित आपके विभागों के कार्मिकों, पंचायत सदस्यों, पार्षदों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को जानकारी देते हुए जन जागृति उत्पन्न कर बाल विवाह रोकथाम के कार्यों को सम्पादित किया जावे। उन्होंने समस्त उपखंड कार्यालय में बाल विवाह रोकथाम के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित करते हुए प्राप्त होने वाले प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही की जाना सुनिश्चित करें तथा जिला कार्यालय में भी बाल विवाह के लिए स्थापित नियंत्रण कक्ष के नम्बर 02972-225327 जारी किए है। जिनके प्रभारी सुनिल गुप्ता (मो. 9414029158) है।


