जोधपुर 14 सितम्बर 2021 ! डिजिटल डेस्क ! . सहकारिता विभाग व केन्द्रीय सहकारी बैंक के अधीन संचालित जिले की कई ग्राम सेवा सहकारी समितियां में इन दिनों व्यवस्थापक पद अतिरिक्त चार्ज के भरोसे संचालित हैं। जिले में संचालित करीब 276 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में से अधिकतर सहकारी समितियों का कार्यभार राजनीतिक संरक्षण वाले व्यवस्थापक/अनियमितकरण-अस्थाई सेल्समेनों को व्यवस्थापक पद का अतिरिक्त कार्यभार दिया हुआ है । हालांकि रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर ने एक पत्र जारी कर केन्द्रीय सहकारी बैकों के समस्त प्रबंध निदेशक को निर्देशित किया था कि पैक्स/लेम्प्स में एक व्यवस्थापक को दो से अधिक समिति ( एक मूल समिति तथा अधिकतम एक समिति का अतिरिक्त कार्यभार ) का चार्ज नहीं दिया जाने के निर्देशों के बावजूद जिले में कई व्यवस्थापकों को 3 से 4 समितियों का चार्ज विभाग द्वारा दे रखा है । सुत्रो के अनुसार नेवरा व्यवस्थापक उमाराम चौधरी को नेवरा, घेवड़ा व भेड़ समितियों में व्यस्थापक के पद का कार्यभार दिया हुआ है । गौरतलब है कि जिले की कई पैक्स सहकारी समितियों में व्यवस्थापकों के रिक्त पदों पर अतिरिक्त कार्यभार कई व्यवस्थापकों को दे रखा है ।
सहकारिता विभाग की योजनाओं के सफल संचालन पर सवाल ?
व्यवस्थापकों का मुख्य कार्य किसानों को अल्पकालीन ऋण वितरण, मिनी बैंकों के द्वारा अमानतों का संग्रहण व रिकॉर्ड संधारण, राशन सामग्री वितरण के कार्य करने की जिम्मेदारी हैं, लेकिन जब एक ही व्यवस्थापक को तीन-चार समितियों का कार्यभार दिया जाए तो सहकारिता विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का सफल संचालन होने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिले में कुछ व्यवस्थापक के पास 1 से 3 समितियों का अतिरिक्त चार्ज हैं। खास बात यह है कि ये व्यवस्थापक इन समितियों का कैसे संचालन कर रहे हैं यह सवाल विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा हैं।


