
जोधपुर । डिजिटल डेस्क । 14 फरवरी । जोधपुर खण्ड के जालोर, पाली, सिरोही सहित जोधपुर जिले में केन्द्रीय सहकारी बैंक के अधीन संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मियों की नियुक्ति को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
सहकारिता आंदोलन से जुड़े सुत्रो ने राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 में नई धारा 29 (ख) का हवाला देते हुए बताया है कि नई धारा 29 (ख) अनुसार राज्य की सहकारी सोसायटी के कर्मचारियों के चयन और भर्ती की सिफारिश के लिए सहकारी भर्ती बोर्ड होने और संशोधित नियम 39 (ए) के मुताबिक उक्त बोर्ड को संबंधित समिति की अध्यापेक्षा और आवश्यकता को देखते हुए चयन का मानदण्ड प्रक्रिया एवं अभ्यथियों के चयन की सूची बनाने के लिए मानदण्ड विनिश्चय करने की शक्ति सहकारी भर्ती बोर्ड के पास होगी । साथ ही, 10 जुलाई 2017 के पश्चात ग्राम सेवा सहकारी समितियों में नियुक्ति एवं स्क्रीनिंग प्रक्रिया का कार्य सहकारी भर्ती बोर्ड द्वारा किए जाने के प्रावधान होने के बावजुद जोधपुर खण्ड के जालोर, पाली, सिरोही और जोधपुर जिले की कई ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापक सेवानियम में व्यापक तौर पर धांधली की गई है। सहकारिता आंदोलन से जुड़े सुत्रो ने प्रमुख सहकारिता सचिव से मांग करते हुए बताया कि राजनैतिक संरक्षण से मूकदर्शक बनकर बैठे अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जोधपुर खण्ड का अन्यत्र स्थानातंरण करने के साथ-साथ ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कर्मियों की नियम विरुद्व की गई नियुक्ति की अविलंब जांच करवाकर दोषी कर्मियों को पद से हटाया जाने की मांग ज्ञापन के माध्यम की गई हैं । साथ ही सुत्रो ने कहा कि अगर जांच नहीं होती हैं तो उन्हे विवश होकर उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी ।


