- कृषि मंत्रियों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेन्स – कृषक कल्याण कोष की राशि 2 हजार करोड़ से बढ़ाकर 5 हजार करोड़ की गई
जयपुर 14 जुलाई। कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समृृद्ध किसान खुशहाल राजस्थान की सोच के साथ कृषि के लिए अलग से बजट पेश किया गया जिसमें कृषक कल्याण कोष की राशि 2 हजार करोड़ से बढ़ाकर 5 हजार करोड़ की गई है। पिछले साढे़ तीन साल में 150 लाख पात्र फसल बीमा पॉलिसी धारक कृषकों को 16 हजार करोड़ के बीमा क्लेम वितरित किये गये। खरीफ 2021 से फसल बीमा पॉलिसियां वितरित करने वाला राजस्थान देश में प्रथम राज्य है। भारत सरकार ने भी सभी राज्यों को इसका अनुसरण करने के निर्देश दिये हैं। श्री कटारिया गुरूवार को बैंगलुरू में केन्द्रीय कृृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के कृषि मंत्रियों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेन्स को सम्बोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय कॉन्फ्रेन्स में कृषि मंत्री ने बताया विभाग द्वारा ‘‘राज किसान साथी पोर्टल‘‘ बनाया गया है जो किसानों एवं कृषि व्यवसायियों के लिए एकल खिड़की के रूप में काम कर रहा है। इसमें कृषि से सम्बन्धित सभी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की सूचनाए अनुदान सहायताएं लाईसेन्स एवं पंजीयन आदि की सुविधा उपलब्ध है। इस पोर्टल के माध्यम से अब तक लगभग 700 करोड़ रूपये डी.बी.टी. के माध्यम से किसानों को हस्तान्तरित किये गये हैं। श्री लालचंद कटारिया ने बताया कि ‘‘राजस्थान जैविक खेती मिशन‘‘ के लिए कृषि बजट में 600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है जिसके तहत 3 लाख 80 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में वृृद्धि की जायेगी। कृषि विपणन प्रसंस्करण व निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य में कार्यरत 120 कृषक उत्पादक संगठनों को सुदृृढ किया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य की सभी कृषि उपज मण्ड़ियों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। 136 मण्डी समितियों में ऑयल टेस्टिंग मशीन, ग्रेन फिजिकल एनालाईजर मशीन एवं वेईंग स्केल मशीन आदि उपकरणों की स्थापना की जा चुकी है। नेनो यूरिया (तरल) उर्वरक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय कार्यशालाएं एवं किसान गोष्ठियों द्वारा व्यापक प्रचार.प्रसार किया जा रहा है। अब तक राज्य में 17 लाख नेनो यूरिया बोटल्स का वितरण हो चुका है। कृषि मंत्री ने बताया कि बाजरा, ज्वार और अन्य छोटे मिलेट्स के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए ‘‘राजस्थान मिलेट संवर्धन मिशन‘‘ शुरू किया गया है। इसको प्रोत्साहन व नवीनतम तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने की दृृष्टि से जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत 5 करोड़ रूपये की लागत से सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर मिलेट्स की स्थापना की जायेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि जैव उर्वरकों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2021.22 के दौरान 1 लाख किसानों को निःशुल्क जैव उर्वरक का वितरण किया गया। सरकार द्वारा डी.ए.पी. के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट के प्रयोग को प्रोत्साहित किया गया जिसके फलस्वरूप राज्य में पहले जहां 4.50 लाख मेट्रिक टन एस.एस.पी. का उपयोग होता था वहीं इस वर्ष रिकॅार्ड 7.10 लाख मेट्रिक टन एस.एस.पी. का वितरण हुआ।
केन्द्र को ये दिये सुझाव:-
कृषि मंत्रियों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेन्स में कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने अपने सुझाव प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत बैंकों द्वारा पोर्टल पर गलतियों के कारण पिछले वर्षाे में 1 लाख 10 हजार प्रकरण केन्द्र द्वारा गठित समिति को प्रेक्षित किये गये थे जिनका शीघ्र निस्तारण किया जाकर किसानों को राहत प्रदान की जाये। उन्होंने नेचुरल फार्मिंग एवं भारतीय प्राकृृतिक कृषि पद्धति योजना को शीघ्र लागू किये जाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने राज्य में हो रही जैतून की खेती के सम्बन्ध में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विस्तृत अध्ययन एवं अनुसंधान एवं रबी के मौसम में राज्य में मांग के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध करने की आवश्यकता भी बताई।
राष्ट्रीय कॉन्फ्रेन्स में देश के कृषि मंत्रियों सहित राज्य से कृृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री दिनेश कुमार, सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार श्री मुक्तानंद अग्रवाल एवं कृृषि आयुक्त श्री कानाराम उपस्थित रहे।


