- जनसमस्याओं का समय पर निराकरण करें
- कॉनफैड़ द्वारा जैविक उत्पादों के विक्रय की शुरूआत जयपुर से की जायेगी

जयपुर, 16 मार्च। सहकारिता एवं कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव, श्री दिनेश कुमार ने कहा कि वर्ष 2022-23 में अकृषि क्षेत्र में एक लाख परिवारों को 2000 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण का वितरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विभाग द्वारा शीघ्र ही कार्ययोजना तैयार की जायेगी। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस ऋण वितरण के लिए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने बजट में लगभग 100 करोड़ रूपये का ब्याज अनुदान देने की घोषणा की है।
श्री कुमार, बुधवार को सहकार भवन में वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा की क्रियान्विति एवं 2019 से 2022 तक की बजट घोषणा के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा का एक्शन प्लान बनाकर 22 मार्च को प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर 60 दिन से अधिक लंबित पब्लिक ग्रीवेंस का सबसे पहले निराकरण किया जाए।
आगामी 2 वर्षों में 4171 नई ग्राम सेवा सहकारी समितियो का गठन
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि आगामी 2 वर्षों में 4171 नई ग्राम सेवा सहकारी समितियो का गठन किया जाना है। इस संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वप्रथम बड़ी ग्राम पंचायतों का चयन कर नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ करें। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत पर ग्राम सेवा सहकारी समिति का गठन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2022-23 में 5 लाख नये किसानों को फसली ऋण दिया जाना है इसके लिए जिलेवार लक्ष्य निर्धारित कर बैंको को सूचित करें ताकि 01 अप्रेल से वितरित होने वाले 20 हजार करोड़ रूपये के ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण का लाभ नये किसानों को भी समय पर मिल सके।

रजिस्ट्रार सहकारिता, श्री मुक्तानंद अग्रवाल ने बजट घोषणाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर लंबित पब्लिक ग्रीवेंस का एक सप्ताह में निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों, केन्द्रीय सहकारी बैंकों, अपेक्स बैंक एवं अन्य सहकारी समितियों के लंबित चुनावों का कार्यक्रम निर्धारित कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि अकृषि ऋणों के वितरण के लिए शीघ्र ही एसएलबीसी के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि कॉनफैड़ के माध्यम से जैविक उत्पादों का विक्रय किया जायेगा। उन्होंने प्रबंध निदेशक, कॉनफैड़ को निर्देश दिए कि इसकी शुरूआत जयपुर से की जाये और राज्य के अन्य स्थानों पर विक्रय के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करें। प्रबंध निदेशक राजफैड़ श्रीमती सुषमा अरोड़ा ने खरीद प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। बैठक में संयुक्त शासन सचिव, श्री नारायण सिंह, वित्तीय सलाहकार श्री सुरेश चन्द, अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वितीय श्री दुर्गालाल बलाई सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


