- मुख्य मांगें : 18 फरवरी 2019 के समझौते के तहत नियोक्ता निर्धारण – कॉमन कैडर लागू करना ।
- 10 जुलाई 2017 तक प्रदेश के पैक्स/लेम्प्स में नियुक्त कर्मियों की परिपत्र 1 (11 फरवारी 2010) के तहत स्क्रीनिंग करवाई जाए ।

जयपुर । डिजिटल डेस्क ! 22 फरवरी ! प्रदेश में अल्पावधी फसली सहकारी ऋण वितरण व्यवस्था में ग्रामीण स्तर पर कार्यरत ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Village Service Co-operative Societies) के व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक, सेल्समेन व सहायक कर्मियों के संगठन राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ (Rajasthan Cooperative Employees Union) के प्रदेश अध्यक्ष नंदलाल वैष्णव के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष हनुमानसिंह राजावत, प्रदेश महामंत्री नंदाराम चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महादेवसिंह ऐचरा, प्रदेश समन्वयक ओमप्रकाश रोज, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार सैनी, भरतपुर संभाग से उपाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार सैदावत, बीकानेर से गिरधारीलाल शर्मा, अजमेर से हीराराम रुलानिया व अजमेर जिला इकाई के जिला अध्यक्ष परमेश्वर वैष्णव के प्रतिनिधी मण्डल ने सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना (cooperative Minister Udayalal Anjana) से मुलाकात कर पांच सुत्री लम्बित मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा ।
सौपे गए ज्ञापन के माध्यम से बताया गया हैं कि सहकारिता विभाग से पैक्स/लेम्प्स कर्मचारियों के नियोक्ता निर्धारण में कॉमन कैडर (common cadre) के गठन की पत्रावली वित्त विभाग (finance department) में 2 वर्षों से विचाराधीन का निस्तारण करने एवं वंचित कार्मिकों की स्क्रीनिंग करवाने के मांग-पत्र पर यूनियन प्रतिनिधिमण्डल की 28 नवम्बर और 4 दिसम्बर 2020 को शीर्ष सहकारी बैंक (apex co-operative bank) कार्यालय पर हुई वार्ता व निर्णय को शीघ्र लागू किये जाने की मांग की।
श्री वैष्णव ने बताया कि सहकारी पैक्स कर्मियों के नियोक्ता के रूप में कॉमन केडर निर्धारण कर उनके नियमित वेतनमान का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने व सुरक्षित सेवा शर्तों के साथ-साथ स्क्रीनिंग से वंचित कर्मियों की परिपत्र (1) 11 फरवरी के तहत 10 जुलाई 2017 तक के पैक्स कर्मियों की स्क्रीनिंग करने व उपार्जित अवकाश के तहत वर्तमान में लागू 120 दिन अवकाश को संशोधित कर 240 दिन तक करने एवं पूर्व में विभाग के साथ यूनियन ने अपने लिखित समझौतों से भी सहकारिता मंत्री को अवगत करवाते हुए लम्बित मांगो का अविलम्ब निस्तारण की मांग ज्ञापन के माध्यम से की हैं ।


