अल्पकालीन फसली ऋण के लिए किसानों को साढ़े 18 हजार करोड़ रुपए वितरित- सहकारिता मंत्री

प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना

जयपुर, 21 मार्च। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा अल्पकालीन फसली ऋण के लिए किसानों को स्वीकृत साढ़े 16 हजार करोड़ रुपए के मुकाबले साढ़े 18 हजार करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया गया तथा अगले साल किसानों को 20 हजार करोड़ रुपये ऋण देने का विचार है और इसमें लगातार बढ़ोतरी होगी।
श्री आंजना ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि कृषकों को अल्पकालीन फसली ऋण के लिए अधिकतम साख-सीमा रुपये 1.50 लाख तक निर्धारित है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषकों को स्वीकृत अधिकतम साख सीमा तक ऋण उपलब्ध संसाधनों के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण होने से पहले के मुकाबले किसानों की संख्या बढ़ी है । सहकारिता मंत्री ने आश्वस्त किया कि योजना के तहत धन की कोई कमी नही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नाबार्ड से 60 प्रतिशत तथा राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत का अंशदान उपलब्ध करवाया जाता है।
इससे पहले श्री उदयलाल ने विधायक श्री नारायण सिंह देवल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि जालौर केन्द्रीय सहकारी बैंक लि. जालौर से सम्बद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कृषक सदस्यों के अल्पकालीन फसली ऋण हेतु अधिकतम साख-सीमा रुपये 1.50 लाख तक निर्धारित है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र रानीवाड़ा में जालौर केन्द्रीय सहकारी बैंक से सम्बद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कुल 1 हजार 909 किसानों की खरीफ अथवा रबी फसल हेतु रुपये 1.50 लाख तक अल्पकालीन फसली ऋण साख-सीमा निर्धारित अथवा स्वीकृत है। उन्होंने ग्रामवार सूची सदन के पटल पर रखी।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र रानीवाडा में केन्द्रीय सहकारी बैंक से सम्बद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण वितरण अन्तर्गत जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा फसलवार निर्धारित मापदण्ड, आवेदक की भूमि का आकार एवं आवेदक द्वारा बोई जाने वाली फसलों के आधार पर खरीफ तथा रबी फसल हेतु पृथक-पृथक अधिकतम साख सीमा रुपये 1.50 लाख तक स्वीकृत की जाती है। उन्होंने बताया कि इस स्वीकृत अधिकतम साख सीमा एवं बैंकों के पास उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर कृषकों को ऋण स्वीकृत किया जाता है। उन्होंने बताया कि सहकारी फसली ऋण ऑनलाईन पंजीयन एवं वितरण योजना, 2019 अन्तर्गत स्वीकृत ऋण का कृषक सदस्य द्वारा एकमुश्त अथवा अपनी आवश्यकतानुसार ऋण आहरण किया जाता है।
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