
जालोर । वार्ता । 26 फरवरी । प्रदेश में अल्पकालीन फसली सहकारी ऋण (crop cooperative loan) वितरण व्यवस्था में ग्रामीण परिवेश में कार्यरत ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक, सेल्समेन व सहायक कर्मियों की यूनियन राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ जिला इकाई जालोर (Rajasthan Cooperative Employees Union District Unit Jalore) के ब्लॉक आहोर उपाध्यक्ष चन्दनसिंह राठौड़ ने प्रेस वार्ता में बताया कि राजस्थान सरकार व सहकारी विभाग से पैक्स/लेम्प्स में कार्यरत कर्मियों के नियोक्ता निर्धारण में कॉमन कैडर (common cadre) बनाने एवं वर्तमान सेवाशर्तों में सुधार करने के मांग पर प्रदेश स्तरीय हुए समझौतो के निर्णय को शीघ्र लागू किये जाने की मांग की। राठौड़ ने बताया कि सहकारी पैक्स कर्मियों के नियोक्ता के रूप में केडर निर्धारण कर उनके नियमित वेतनमान, भत्तों, सेवानिवृति पर पी.एफ., ग्रेच्युटी, पेंशन सहित सभी परिलाभों का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने व जुलाई 2017 तक सभी वर्ग के पैक्स/लेम्प्स कर्मियों की स्क्रीनिंग करने, अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ देने की बात कहीं ।
न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही
राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में पैक्स/लेम्प्स कर्मियों को नियमित वेतनमान तो दूर न्यूनतम मजदूरी की दर पर भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। नियमित रूप से पी.एफ. कटौती कर पी.एफ. कार्यालय को नहीं भिजवाई जा रही है। सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी, पी.एफ., पेंशन का भुगतान नहीं हो रहा है। किसी भी प्रकार की मेडिकल सुविधा देय नहीं है। उन्होंने सरकार व सहकारी विभाग से पैक्स/लेम्प्स कर्मियों को कर्मचारी जगत की तरह नियमित वेतनमान के साथ नियमानुसार उपरोक्त सभी सुविधाओं का लाभ दिये जाने व सुरक्षित रोजगार के लिये पैक्स कॉमन कैडर निर्धारण को व्यावहारिक व उचित समाधान बताया।
आंदोलन करने को मजबूर
राठौड़ ने बताया कि पैक्स/लेम्प्स कर्मियों के कैडर निर्धारण की लम्बित मांग पर निर्णय को टाले जाने से पैक्स/लेम्प्स कर्मियों में प्रदेशव्यापी असंतोष के चलते आंदोलन पर जाने की मजबूरी हो रही है। हम नहीं चाहते कि सहकारी ऋण वितरण, वसुली व सरकार की योजनाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न हो मगर यदि सरकार व सहकारी विभाग कैडर निर्धारण के निर्णय को लम्बित रख आंदोलन पर जाने के लिये उकसा रहा है तो पैक्स/लेम्प्स कर्मी एकजुट आंदोलन पर जाने को तैयार है


